राज सिंह
चंडीगढ़ 3 फ़रवरी 2021। बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ आज यूटी पावरमैन यूनियन के आह्वान सैकडों बिजली कर्मियों ने संपूर्ण हड़ताल करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने हुंकार भरी और कहा कि निजीकरण के खिलाफ धर्म युद्ध के लिए शहर को कुरूक्षेत्र बना देंगे। बता दें कि कर्मचारी सुबह अपने अपने कार्यालयों में इकट्ठा हुए तथा वहां से समूहों में मार्च निकाल कर सैक्टर-17 में हड़ताली कर्मियों की रैली में शामिल हुए।
प्रदर्शन कर रहे हड़ताली कर्मियों को संबोधित करते हुए यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि आज की हड़ताल बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ, बिजली अमैन्डमैंट बिल 2020/21 को रद्द करने निजीकरण के दस्तावेज़ स्टैंडर्ड बिडिंग डाकूमैंट को निरस्त करने सुचारु रूप से चल रहे तथा मुनाफ़ा कमा रहे बिजली विभाग का निजीकरण रद्द कर गैर जरूरी व शंका से घिरा बिडिंग प्रोसेस खत्म करने, केरल व हिमाचल की तर्ज पर उत्पादन व वितरण का एकीकरण करने, नई पेंशन नीति खत्म कर पुरानी पेंशन बहाल करने, जबरी रिटायरमैंट रोकने तथा तेलंगाना की तर्ज पर बिजली क्षेत्र में कर रहे संविदा व सभी कच्चे कर्मियों को पक्का करने तथा सभी खाली पड़ी पोस्टें भरने आदि मांगों को लागू कराने के लिए की जा रही है।
अखिल भारतीय पावर इन्जीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष इंजीनियर शैलेन्द्र दूबे केंद्र सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने निजीकरण की नीति पर करारा हमला करते हुए केन्द्र सरकार की तीखी निन्दा करते हुए आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार अपने वायदे से मुकर गई है। बिजली अमैंडमैंट बिल 2021 का 12 राज्यों तथा 2 केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा सीधा विरोध करने के बाद सरकार ने बिल को नये सिरे से तैयार कर कर्मचारियों, अभियन्ताओं, उपभोक्ताओं व अन्य स्टेक होल्डरों के ऐतराज व सुझाव लेने की बात की थी, लेकिन ऐसा करने की बजाय सरकार इस बिल को बजट सत्र में ही पेश कर पारित कराना चाहती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने नहीं सुनी तो चंडीगढ़ शहर को धर्मयुद्धा का कुरूक्षेत्र बना देंगे।बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति के कोर कमेटी के इं.पदमजीत सिंह ने प्रशासन व केन्द्र सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को सस्ती व निर्विघ्न बिजली सप्लाई दे रहे तथा मुनाफ़े में चल रहे चंडीगढ़ के बिजली विभाग का गैर कानूनी व नियमों व बिजली एक्ट की धज्जियाँ उड़ाकर किये जा रहे बिडिंग सिस्टम को रद्द करने की मांग की।
यूटी पावरमैन यूनियन के प्रधान ध्यान सिंह व अमरीक सिंह ने कहा कि विभाग पिछले 5 साल से मुनाफ़े में चल रहा है। ट्रांसमिशन व वितरण लाॅस 10 प्रतिशत से नीचे है, जो बिजली मंत्रालय के लक्ष्य 15 प्रतिशत से काफी कम है। हड़ताली कर्मचारियों को फैड़रेशन के प्रधान रघबीर चंद, सीटू चंडीगढ़ के प्रधान कुलदीप सिंह, दर्शन सिंह, गुरमीत सिंह, रणजीत सिंह, कश्मीर सिंह, पान सिंह, दलेर सिंह, सुखविन्द्र सिंह, राजेन्द्र कटोच, हरकेष चंद, बिहारी लाल, भीमसेन, हरपाल सिंह को संबोधित किया।
प्रदर्शन कर रहे हड़ताली कर्मियों को संबोधित करते हुए यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि आज की हड़ताल बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ, बिजली अमैन्डमैंट बिल 2020/21 को रद्द करने निजीकरण के दस्तावेज़ स्टैंडर्ड बिडिंग डाकूमैंट को निरस्त करने सुचारु रूप से चल रहे तथा मुनाफ़ा कमा रहे बिजली विभाग का निजीकरण रद्द कर गैर जरूरी व शंका से घिरा बिडिंग प्रोसेस खत्म करने, केरल व हिमाचल की तर्ज पर उत्पादन व वितरण का एकीकरण करने, नई पेंशन नीति खत्म कर पुरानी पेंशन बहाल करने, जबरी रिटायरमैंट रोकने तथा तेलंगाना की तर्ज पर बिजली क्षेत्र में कर रहे संविदा व सभी कच्चे कर्मियों को पक्का करने तथा सभी खाली पड़ी पोस्टें भरने आदि मांगों को लागू कराने के लिए की जा रही है।
अखिल भारतीय पावर इन्जीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष इंजीनियर शैलेन्द्र दूबे केंद्र सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने निजीकरण की नीति पर करारा हमला करते हुए केन्द्र सरकार की तीखी निन्दा करते हुए आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार अपने वायदे से मुकर गई है। बिजली अमैंडमैंट बिल 2021 का 12 राज्यों तथा 2 केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा सीधा विरोध करने के बाद सरकार ने बिल को नये सिरे से तैयार कर कर्मचारियों, अभियन्ताओं, उपभोक्ताओं व अन्य स्टेक होल्डरों के ऐतराज व सुझाव लेने की बात की थी, लेकिन ऐसा करने की बजाय सरकार इस बिल को बजट सत्र में ही पेश कर पारित कराना चाहती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने नहीं सुनी तो चंडीगढ़ शहर को धर्मयुद्धा का कुरूक्षेत्र बना देंगे।बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति के कोर कमेटी के इं.पदमजीत सिंह ने प्रशासन व केन्द्र सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को सस्ती व निर्विघ्न बिजली सप्लाई दे रहे तथा मुनाफ़े में चल रहे चंडीगढ़ के बिजली विभाग का गैर कानूनी व नियमों व बिजली एक्ट की धज्जियाँ उड़ाकर किये जा रहे बिडिंग सिस्टम को रद्द करने की मांग की।
यूटी पावरमैन यूनियन के प्रधान ध्यान सिंह व अमरीक सिंह ने कहा कि विभाग पिछले 5 साल से मुनाफ़े में चल रहा है। ट्रांसमिशन व वितरण लाॅस 10 प्रतिशत से नीचे है, जो बिजली मंत्रालय के लक्ष्य 15 प्रतिशत से काफी कम है। हड़ताली कर्मचारियों को फैड़रेशन के प्रधान रघबीर चंद, सीटू चंडीगढ़ के प्रधान कुलदीप सिंह, दर्शन सिंह, गुरमीत सिंह, रणजीत सिंह, कश्मीर सिंह, पान सिंह, दलेर सिंह, सुखविन्द्र सिंह, राजेन्द्र कटोच, हरकेष चंद, बिहारी लाल, भीमसेन, हरपाल सिंह को संबोधित किया।





















