कुमार मधुकर
चंडीगढ़। कांग्रेस की 25 सदस्यीय प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में आज जो भी हुआ। ऐसा इससे पहले कभी भी नहीं हुआ था। इस बैठक के बाद से कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि पहली बार ऊंट पहाड़ के नीचे आया। वहीं कुछ नेताओं का कहना था कि आज से छह माह पहले जो लोग कहते थे कि चंडीगढ सीट से लोकसभा चुनाव—2024 में टिकट तो उनके इशारे पर ही मिलेगी और उन्हें ही मिलेगी। ऐसे लोगों का आज हाथ—पांव फूला हुआ था, चेहरा उतरा हुआ, एकदम अकेलापन जैसा, फीका पड़ा हुआ, अपने आप से सवाल करता हुआ, पिछले कर्मों पर पछतावा लेकिन गुरुर हावी, कई बार गुस्से से लाल भी, पिछले दिनों को याद करते हुए और भी दुखी यानी पूरी तरह से धरातल पर दिख रहे थे। क्योंकि समिति के पांच—छह सदस्यों को छोड दिया जाए तो नेताजी की उम्मीदवारी के समर्थन में ज्यादातर लोगों ने उनका नाम लेने तक से मना कर दिया, जबकि समिति के अधिकतर सदस्यों ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की सबसे बेहतर उम्मीदवार माना है। ऐसा सूत्रों का कहना है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि आज नेताजी को पता चल गया कि उनकी राजनीतिक शैली से किस प्रकार से शहर में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के दिलों में जख्म हैं, जो आज तक नहीं भरा है। इसी को लेकर कइयों ने चुन चुनकर हिसाब चुकता करने की कोशिश कर रहे थे। यदि सूत्रों के दावे को माना जाए तो बैठक की अध्यक्षता कर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्त चरण दास के सामने समिति के अधिकतर सदस्यों ने चंडीगढ से लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बदलने की मांग उठाई। ताकि लगातार तीसरी बार भी हार, कांग्रेस के सिर पर न मंडराने लग जाए।
सूत्रों का दावा है कि लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी से उम्मीदवारी की दावेदारी सबसे पहले हरमेल केसरी ने कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर किया, इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की, फिर युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनोज लुबाना और सतीश मचल ने कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर दावेदारी की, जबकि पूर्व मेयर रविंदर पाली ने विदेश रहते हुए ऑनलाइन आवेदन किया, जबकि पवन कुमार बंसल ने घर से ही आवेदन भिजवाया।
कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी प्रेसनोट
चंडीगढ़ कांग्रेस की 25 सदस्यीय प्रदेश चुनाव समिति जिसमें कांग्रेस नेता एच.एस. लक्की, पवन कुमार बंसल, सुभाष चावला, डी.डी. जिंदल, हरफूल कल्याण, पवन शर्मा, भूपिंदर सिंह बडहेड़ी, जतिंदर भाटिया, गुरप्रीत गाबी, नंदिता हुडा, गुरबक्स रावत, अच्छे लाल गौड़, राजीव मोदगिल, एस.ए. खान, यादविंदर मेहता, विक्रम चोपड़ा, राजदीप सिद्धू, दिलावर सिंह, सुरजीत ढिल्लों, जसबीर बंटी, ओपी वर्मा, दीपा दुबे, सचिन गालव, मनोज लुबाना और गुरचरण दास काला शामिल हैं ने आज पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्त चरण दास की अध्यक्षता में कांग्रेस भवन में आज शाम एक बैठक की और आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चंडीगढ़ की राजनीतिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में एआईसीसी पर्यवेक्षक के रूप में महाराष्ट्र सरकार में पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर और राज्य सभा सांसद नीरज दांगी भी शामिल हुए।
चंडीगढ़ के लिए गठित चुनाव समिति के सभी सदस्यों से सामूहिक रूप से मिलने के बाद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की टीम ने चंडीगढ़ वासियों से संबंधित मुद्दों पर उनके विचार जानने के लिए व्यक्तिगत रूप उनसे मुलाकात की और उनके विचारों और सुझावों को ध्यान से सुना। कमेटी ने उन छ: कांग्रेस नेताओं से भी मुलाकात की, जिन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए चंडीगढ़ से कांग्रेस के टिकट के लिए आवेदन किया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस के पर्यवेक्षक अपनी सिफारिशें केंद्रीय चुनाव समिति को भेजेंगे। इसके बाद पार्टी आलाकमान किसी एक उम्मीदवार को कांग्रेस पार्टी का टिकट आवंटित करेगा।
लोक सभा टिकट के पांच उम्मीदवार पवन कुमार बंसल, एचएस लकी, हरमेल केसरी, मनोज लुबाना और सतीश कुमार आज की बैठक में उपस्थित थे और सभी पांचों कांग्रेस के केन्द्रीय पर्यवेक्षकों से मिले। छठे प्रार्थी रविंदर सिंह पाली बैठक में शामिल नहीं थे, क्योंकि वह विदेश में हैं।






















