
संजीव शर्मा
चंडीगढ़ 12 फरवरी 2021। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिये कि सभी अस्पतालों में ओपीडी पूरी तरह कार्यात्मक हो जाएं। ताकि कोरोनाकाल के पहले की तरह स्थिति हो जाए। शुक्रवार को कोविड़ वार रुम की बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि कोविद योद्धाओं के लिए वैक्सीन की 1,21,850 खुराकें उपलब्ध हैं। इसलिए टीकाकरण रेटिंग बढ़ाने के सभी प्रयास किए जाएं। बदनोर ने कहा कि शहर में टीकाकरण के लिए स्थापित सभी 14 साइटें पूरी तरह कार्यात्मक होनी चाहिए और टीकाकरण के संबंध में लोगों के मन से झिझक को दूर करने के लिए आईईसी अभियान होना चाहिए।
चंडीगढ़ 12 फरवरी 2021। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिये कि सभी अस्पतालों में ओपीडी पूरी तरह कार्यात्मक हो जाएं। ताकि कोरोनाकाल के पहले की तरह स्थिति हो जाए। शुक्रवार को कोविड़ वार रुम की बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि कोविद योद्धाओं के लिए वैक्सीन की 1,21,850 खुराकें उपलब्ध हैं। इसलिए टीकाकरण रेटिंग बढ़ाने के सभी प्रयास किए जाएं। बदनोर ने कहा कि शहर में टीकाकरण के लिए स्थापित सभी 14 साइटें पूरी तरह कार्यात्मक होनी चाहिए और टीकाकरण के संबंध में लोगों के मन से झिझक को दूर करने के लिए आईईसी अभियान होना चाहिए।

उन्होंने वरिष्ठ डॉक्टरों से टीका करण का नेतृत्व करने का अनुरोध किया। प्रशासक बदनोर ने खुशी जताई कि पुलिस और नगर निगम में कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में टीके ले रहे हैं। इस दौरान पीजीआईएमईआर के निदेशक डॉ जगत राम ने बताया कि पीजीआईएमईआर ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 3,900 मरीज़ों का इलाज हो रहा है। पीजीआईएमईआर में 80 प्रतिशत सर्जरी सुविधाओं को कार्यात्मक बनाया गया है। जीएमसीएच .32 के डॉ अशोक अत्री ने कहा कि टीकाकरण के लिए पंजीकृत 4,093 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में से 930 को पहले ही टीका करण दिया जा चुका है।
निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ अमनदीप कंग ने कहा कि सभी ओपीडी पूरी तरह कार्यात्मक हैं और औसतन 1,700 मरीज़ों का इलाज प्रतिदिन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए पंजीकृत 19,354 स्वास्थ्य कर्मियों में से 6,254 व्यक्तियों को टीका लगाया जा चुका है। आज की बैठक में टीकाकरण की निगरानी कर रहे भारत सरकार के अपर सचिव कपड़ा वीके सिंह ने प्रशासक को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के साथ अपनी चर्चा के बारे में बताया और कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए केंद्र सरकार से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
आज की बैठक में लाल डोरा के बाहर निर्माण के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासक ने निवासियों से अपील की कि इस संबंध में बनाई जा रही नीति को अंतिम रूप देने तक किसी भी प्रकार का कोई नया निर्माण न करें। भारतीय मानव संस्थान बेंगलुरु के परामर्श से एक व्यापक नीति पर चर्चा की जा रही है।





















