चंडीगढ़ 17 dec 2019 . इंटक के आवाहन पर प्रशासन और केंद्र सरकार की मजदूर और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ एक विशाल ” *रोजगार बचाओ रैली”* का आयोजन किया, जिसमें सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के हजारों लोगों ने भाग लिया। रैली में पूर्व रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल और इंटक के राष्ट्रीय सचिव और हरियाणा इंटक के प्रदेश अध्यक्ष अमित यादव ने शिरकत की। पवन कुमार बंसल और अमित यादव ने कहा कि केंद्र सरकार श्रम कानूनों से छेड़छाड़ कर रही है और नई नौकरियां देने की बजाय 2 साल के अंदर एक करोड़ से ज्यादा नौकरियां छीन ली गई है।
चंडीगढ़ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष श्री नसीब जाखड़ ने कहा कि चंडीगढ़ शासन और प्रशासन मजदूरों और कर्मचारियों की समस्याओं के लिए गंभीर नहीं है। चंडीगढ़ में कच्चे कर्मचारियों के लिए सिक्योर पॉलिसी नहीं है। जेम पोर्टल से आए ठेकेदार 9 से 15 साल नोकरी करने वाले कच्चे कर्मचारियों को निकाल देते हैं। लेबर लॉ लागू नहीं किया जा रहा।माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार समान काम समान वेतन नहीं दिया जा रहा । कोई भी कर्मचारी की सेवा के दौरान मौत हो जाती है तो दूसरे राज्यों की तर्ज पर अनुकंपा के आधार पर नौकरी नहीं दी जाती सिर्फ पांच परसेंट कोटा दिया जाता है जो बिल्कुल गलत है। काफी समय से विभागों में भर्तियां और प्रमोशन नहीं हो रही। पुरानी पेंशन स्कीम लागू नहीं हो रही।
प्रदेश अध्यक्ष नसीब जाखड़ और प्रदेश महासचिव कन्हैयालाल ने कहा कि प्रशासन की हिटलरशाही ने हजारों रेहड़ी फड़ी और फुटपाथ वालों का रोजगार छीनने का काम किया है।डोर टू डोर गार्बेज कलेक्टर के रोजगार पर डाका डाला है। गरीब लोगों के आशियाने तोड़े जा रहे हैं।झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों के लिए मकान नहीं दिए जा रहे। नसीब जाखड़ ने कहा कि इन सभी मांगों का हल करवाने के लिए चंडीगढ़ इंटक ने 12-07-19 को माननीय गवर्नर महोदय जी को वार्ता के लिए पत्र लिखा था,लेकिन वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया। उसके बाद 25-09-19 को 1 दिन की भूख हड़ताल की गई फिर भी वार्ता के लिए नहीं बुलाया। उसके बाद 11-10-19 को सांसद किरण खेर का घेराव किया लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन और शासन ने हक देने की बजाय वाटर कैनन से पानी की बौछार करी और लाठीचार्ज किया जिसमें हमारे बहुत साथियों को चोटें आई और नसीब जाखड़ और रंजीत मिश्रा को जेल में डाला गया।नसीब जाखड़ ने कहा कि आज मजबूर होकर सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन की मजदूर और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ “रोजगार बचाओ रैली” की गई है और आज से ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी और यह तब तक चलेगी जब तक मजदूरों और कर्मचारियों की मांगों का हल नहीं हो जाता।
इस मौके पर महिला इंटक प्रदेश अध्यक्ष सरबजीत धनोआ, चंडीगढ़ सुबोर्डिनेट फेडरेशन के चेयरमैन राकेश कुमार ,प्रधान चरणजीत ढींढसा, महासचिव रंजीत मिश्रा, इंटक के पूर्व अध्यक्ष रामपाल शर्मा, इंटक के महासचिव हरिश छाबड़ा, सेक्टरी अशवनी कुमार,सतपाल चिकारा किशोरीलाल , सुखबीर, तरलोचन,अनिल कुमार ,लालजीत, पंकज सचान, हरजिंदर सिंह, बहादुर सिंह ,दविंदर राणा, हरबंस सिंह, सुरेश कुमार,शमशेर लोटिया, बिशनलाल ,हरिमोहन,डबकेश, हरविंदर, धरमिंदर,विजयपाल, रामफल,राजाराम,दलजीत,जसविंदर, वरिंदर, तिलक राज,मामराज,मोहन लाल,अमित,किरण बाला,सुरिन्दर मनीषा, समोद,जसवीर,छोटे लाल ,गीता,मोना,सुनीता, बबीता, और अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया और सरकार की जन विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की।
























