चंडीगढ़ एमसी हाउस में पानी दरों पर बहस में सारी हदें पार, मर्यादाएं हुईं तार तार

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पानी के टेबल एजेंडे पर सूद और कमिश्नर के बीच तीखी नोंक झोक  
चंडीगढ़ 25 फरवरी 2020। मंगलवार को नगर निगम हाउस की बैठक में पानी को लेकर टेबल एजेंडे पर बहस के दौरान सारी हदें ही पार हो गई। दिसंबर में हाउस की बैठक के दौरान भाजपाई पार्षदों ने ध्वनि मत से पानी की दरों में बेतहाशा बढ़ौतरी से संबंधित एजेंडा पास किया था, इसी के विरोध में तब कांग्रेसी पार्षदों ने सदन का बहिष्कार कर दिया था। अब जब दिल्ली विधानसभा  चुनाव में केंद्र सरकार की पूरी फौज उतरने के बाद भी भाजपा की करारी हुई तो चंडीगढ़ भाजपा की भी नींद खुल गई। इसके बाद आज सदन की बैठक में देर शाम को एक टेबल एजेंडा आया, जिसने सदन की मर्यादा को ही तार तार कर दिया। भाजपा पार्षदों और कमिश्नर केके यादव के बीच वह सब हुआ जिसे निश्चय ही कई पार्षद सही नहीं ठहरा रहे हैं। हाउस में जब गरिमाएं ध्वस्त होती जा रही थी, तब विपक्ष के नेता देवेंदर सिंह बबला ने बीच बचाव और भाजपा पार्षदों को समझाने की भी कोशिश की। साथ ही बबला ने यह भी कहा कि यदि दिसंबर की बैठक में ही एजेंडे पर गंभीरता से विचार करते तो शायद आज ऐसी नौबत ही नहीं आती।
 
सूत्रों का कहना है कि हाउस में देर शाम को पानी की दरों में कमी के लिए टेबल एजेंडा लाया गया। इस पर कमिश्नर केके यादव ने पार्षद अरूण सूद से जस्टिफिकेशन मांगा कि आखिर पानी दरों बढ़ौतरी संबंधित एजेंडा पिछली ही बैठक में पास हो गया है। फिलहाल यह फाइल प्रशासक के पास पहुंच चुकी है। साथ शहर के लोगों से ऑब्जेक्शन भी मांग लिया गया है। ऐसे में पानी की दरों में कमी करने से संबंधित टेबल एजेंडा लाकर पहले ही पास हो चुके एजेंडे के विपरीत पानी दरों को कैसे कम किया जा सकता है। इसी पर अरूण सूद और कमिश्नर केके यादव बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते ऐसी तीखी बहस हुई कि मर्यादाएं भी तार तार हो गर्इं। सूद की तरफ से पार्षद गुरप्रीत ढिल्लो, शक्तिदेव शाली भी आपा खोने लगे। इसके बाद जो भी सदन में हुआ, उसे कई पार्षदों ने अच्छा नहीं माना। 
 
अंतत: कमिश्नर केके यादव ने भी पानी दरों में बढ़ौतरी संबंधित टेबल एजेंडे को लेकर विरोध दर्ज करा दिया। 
 
विपक्षी नेता बबला बोले  
विपक्षी नेता देवेंदर सिंह बबला ने पूछे जाने पर बताया कि कमिश्नर केके यादव ने कुछ गलत नहीं कहा था, जिसको लेकर उनके साथ नोंक झोक किया जाए। बबला के अनुसार कमिश्नर ने टेबल एजेंडे को लाकर पानी दरों में कम करने संबंधित तर्क जानने कोशिश की थी। इस पर भाजपा के कुछ पार्षदों का गुस्से में आना बिलकुल भी सही नहीं था। बबला ने यह भी कहा कि दिसंबर में ही पानी की दरों की बढ़ौतरी पर अच्छी तरह से चर्चा होती तो आज इतनी तीखी नोंक झोक की नौबत ही नहीं आती।
 
पानी दर पहले और अब 
गत दिसम्बर में पारित प्रस्ताव के अनुसार सबसे छोटी स्लैब शून्य से दस किलोलीटर पानी का प्रयोग करने वालों की कर दी गई थी। जिसका रेट भी चार रुपये कर दिया गया था। आज 0 से 15 किलोलीटर का नया स्लैब बना कर इसकी दर र 3 रुपये करने का प्रस्ताव पारित किया गया। । इसके बाद की स्लैब इस समय 16 से 30 की दर 6 रुपये प्रति किलोलीटर, , उसके बाद 31 से 60 किलोलीटर की 9 रुपये और चौथी स्लैब में 60 किलोलीटर से ज्यादा का पानी का प्रयोग करने वालों की है, जिसकी दर 25 रुपये प्रति किलोलीटर करने का टेबल एजंडा सदन में देर रात पारित किया गया।
 
 

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