चंडीगढ़ MC एक्सईएन अजय गर्ग के खिलाफ चार्जशीट जारी, नगर निगम कमिश्नर ने की सख्ती!

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AJAY GARG (XEN)

सीएनई न्यूज
चंडीगढ़ 26 नवंबर 2021। चंडीगढ नगर निगम कमिश्नर अनंदिता मित्रा ने शुक्रवार को सख्ती करते हुए एक्सईएन अजय गर्ग के खिलाफ चार्जशीट जारी की है। यहां बता दें कि अजय गर्ग एक ऐसा एक्सईएन है, जो अक्सर किसी न किसी कारण से विवादों में रहते हैं। एक्सईएन अजय गर्ग अपने मातहत कर्मचारियों और अन्य लोगों से अभद्रता से बात करने के लिए भी जाने जाते हैं। आखिरकार अपनी मनमर्जी चलाने और नियमों को ताक पर रखकर काम करने को लेकर कमिश्नर अनंदिता मित्रा ने एक्सईएन अजय गर्ग को चार्जशीट जारी किया है।

सूत्रों का यह भी दावा है कि सेक्टर-47 मार्केट की पीछे चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर एमसी के पैसे से ही बैडमिंटन कोर्ट बन रहा है, ताकि चुनाव में राजनीतिक लाभ पहुंचाया जा सके, जिसमें नगर निगम के अधिकारी अहम भूमिका निभा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के ईडब्ल्यूएस के हाउस में नगर निगम द्वारा लाइटें भी लगाई जा रही है, जबकि दोनों ही काम नगर निगम आयुक्त के आदेशों के खिलाफ है। बताना जरूरी है कि एमसी कमिश्नर ने पहले ही आदेश जारी करते हुए कहा है कि नगर निगम द्वारा कोई भी विकास कार्य नगर निगम के अधीन जमीन से बाहर न कराया जाए। इसके बाद भी एमसी लिमिट से बाहर काम कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने एमसी कमिश्नर का ध्यान दिलाते हुए कहा कि इस पर भी एमसी अधिकारियों के कार्रवाई की जाए और राजनीतिक लाभ पहुंचाने की भूमिका में अधिकारियों को न आने दिया जाए। ध्यान रहे कि सेक्टर-47 व फैंदा गांव वाले वार्ड से पार्षद देवेश मोदगिल हैं।

नगर निगज से जारी प्रेसनोट में बताया गया है कि अजय गर्ग ने गाँव फैंदा निज़ामपुर में निजी ज़मीन पर सरकारी मशीनरी और फंडों के नाजायज तरीके से सड़क का निर्माण करने को लेकर चार्जशीट जारी किया है। इस प्रकार से एक्सईएन रोड-1 अजय गर्ग, उप मंडल इंजीनियर बीएंडआर जगदीप को चार्जशीट किया गया है और जूनियर इंजीनियर सेवामुक्त अमरीक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। यह चार्जशीटें आज नगर निगम कमिशनर अनिन्दिता मित्रा आईएएस के आदेश  पर जारी की गई हैं।

इस मामले की गहराई से जांच करने के बाद कमिशनर को रिपोर्ट सौंपी गई है, जिसमें नगर निगम की तरफ से बनाई गई डब्ल्यूडीएफ स्कीम को चुनने और लागू करने के लिए दिशा.निर्देशों समेत वार्ड विकास फंड का प्रयोग करने के नियमों का उल्लंघन पाया गया है, क्योंकि इन कामों के लिए चुनी गई ज़मीन लाज़िमी तौर पर निगम की ज़मीन होनी चाहिए। इससे पहले सीएंडडी वेस्ट प्लांट को लेकर भी विवाद रहा है।

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