चंडीगढ़ मेयर चुनाव: भाजपा में टंडन ग्रुप ने किया विद्रोह! रविकान्त मेयर उम्मीदवार

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चंडीगढ़ 4 JAN 2021। पिछले कई दिनों के मंथन के बाद भाजपा ने सोमवार को दोपहर बाद मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के नामों की घोषणा कर दी। भाजपा की ओर से मेयर के लिए रविकांत शर्मा, सीनियर डिप्टी मेयर के लिए महेश इंदर सिंह और डिप्टी मेयर के लिए फर्मिला के नामों की घोषणा की। इसके कुछ ही देर बाद करीब भाजपा के तीनों उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र भर दिए। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी की ओर से मेयर के लिए देविंदर सिंह बबला, सीनियर डिप्टी मेयर के लिए रविंदर कौर गुजराल और डिप्टी मेयर के लिए सतीश कैंथ ने नामांकन पत्र भरे। उक्त तीनों ही पदों के लिए चुनाव आठ जनवरी को है।
मेयर के लिए रविकांत शर्मा, सीनियर डिप्टी मेयर के लिए महेश इंदर सिंह और डिप्टी मेयर के लिए फर्मिला
भाजपा में फिर बगावत!
इस बार भी मेयर चुनाव में पा में बगावत का दौर शुरू हो गया। इस बार भी भाजपा नेता संजय टंडन गुट के कहे जाने वाले पार्षदों ने बगावत कर दिए। मेयर के लिए उम्मीदवार न बनाए जाने पर भरत कुमार ने इस्तीफ़ा दिया है। वहीं चंद्रावती शुक्ला ने पार्टी में विद्रोह करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर मेयर पद के लिए नामांकन पत्र भर दिया। इस दौरान भाजपा के कई पार्षदों ने चंद्रावती शुक्ला को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुई। नामांकन पत्र भरने के दौरान कांग्रेस पार्टी के पार्षद उनके साथ थे।अब तक टंडन ग्रुप ने ही दिखाए बगावती तेवर

मेयर चुनाव में अब तक कई बार संजय टंडन ग्रुप ने बगावती तेवर दिखाए हैं। यदि अब तक के चार साल में मेयर चुनाव को देखें तो इस पांच साल के टर्म में सबसे पहले आशा जसवाल मेयर बनी। जब आशा जसवाल की उम्मीदवारी की घोषणा की गई तो किसी ने विरोध नहीं किया। इसके बाद जब देवेश मोदगिल की उम्मीदवारी की घोषणा की गई तो टंडन ग्रुप के 12 पार्षदों ने विद्रोह कर दिया था। यहां तक कि आशा जसवाल ने विद्रोह करते हुए मेयर के लिए देवेश मोदगिल के खिलाफ नामांकन पत्र भी भर दिया था। साथ ही रविकांत शर्मा ने तब बगावती तेवर दिखाते हुए सीनियर डिप्टी मेयर के लिए नामांकन पत्र भर दिए थे। तीसरे साल जब राजेश कालिया को मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया तो सतीश कैंथ ने विद्रोह कर दिया था। उस समय भाजपा में रहते हुए सतीश कैंथ टंडन ग्रुप में ही थे। आज जब रविकांत शर्मा को मेयर उम्मीदवार बनाया गया तो टंडन ग्रुप की ही चंद्रावती शुक्ला ने विद्रोह का बिगुल बजाते हुए नामांकन पत्र •ार दिया।

उठा सवाल मीटिंग से कैसे गई चंद्रावती
मेयर के कमरे में जब सभी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई तो भरत कुमार ने पूरी ताकत से अपनी बगावती तेवर दिखाए। इसके बाद भी मौके पर बैठे नेताओं ने भरत कुमार को कमरे से बाहर नहीं जाने दिया। वहीं मौके से चंद्रावती शुक्ला को मेयर कमरे से जाने दे दिया गया। आखिरकार चंद्रावती को नामांकन पत्र भरने का मौका दिलवाने के पीछे कौन है। यह बड़ा सवाल मना जा रहा है। माना जाता है कि चंद्रावती शुक्ला को वहां से कुछ लोगों जानबूझकर जाने दिया।

कुछ देर पहले की गई नामों की घोषणा

इससे पहले रविवार से ही भाजपा की ओर से प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, संगठन मंत्री दिनेश कुमार और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद नाम को लेकर मंथन कर रहे थे। बगावत के डर से भाजपा ने हर साल की तरह इस बार भी नामांकन से कुछ देर पहले ही नामों की घोषणा की। अब भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुटबाज़ी और क्रॉस वोटिंग को रोकने की होगी।

टंडन ग्रुप के हाथ खाली!

भाजपा में अभी के दौर में मेयर उम्मीदवार रविकांत शर्मा को संजय टंडन ग्रुप का नहीं माना जा रहा है, क्योंकि टंडन शक्ति देवशाली को मेयर उम्मीदवार बनाना चाहते थे। बता दें कि रविकांत शर्मा पर संगठन मंत्री दिनेश कुमार का आशीर्वाद प्राप्त है। वहीं महेश इंदर सिंह को सांसद किरण खेर और फरमिला को सत्यपाल जैन ग्रुप का बताया जाता है। इस प्रकार से पहली बार संजय टंडन ग्रुप के हाथ खाली रहे।

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