सावधान! चंडीगढ़ शहर की पार्किंग्स में गुंडा राज, कीमत बढ़ाकर जबरन वसूल रहे पार्किग फीस

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बिना कोई अग्रिम नोटिस या बिना किसी नई रेट लिस्ट डिस्प्ले की चल रही वसूली नई
चंडीगढ 30 जनवरी 2021। शहर में पार्किंग ठेकेदारों ने अपनी मोनोपाॅली चलाते हुए दो पहिए वाहनों से एक रुपए और चार पहिए वाहनों से दो रुपए की फीस बढ़ाकर धक्काशाही और बदतमीजी के साथ वसूली शुरू कर दी है। इस प्रकार से शहर की पार्किंग में कुछ दिनों से गुंडा राज शुरू हो गया है। हालत यह है कि गाड़ी पार्किंग के दौरान प्रतिदिन वाहन मालिकों और ठेकेदार के कारिंदों से कहासुनी हो रही है। कई बार मामला हाथापाई तक पहुंच रही है।

ठेकेदार की इस मनमानी से शहर के लोगों में जबर्दस्त रोष है। ध्यान रहे कि निगम हाउस में निर्णय लिया गया था कि एमसी अधिकारी जनवरी के अंत में सभी पार्किंग की जांच करेंगे। उनके अनुसार यदि स्मार्ट फीचर या अन्य संसाधन सुविधाएँ सही पाई गई। तभी एक फरवरी से उन पार्किंग्स में 20 प्रतिशत वृद्धि अनुबंध अनुसार लागू की जाएगी। फिलहाल स्थिति यह है कि पार्किग ठेकेदार की ओर से बिना अग्रिम नोटिस या बिना किसी नई रेट लिस्ट डिस्प्ले, ठेकेदार ने नियमों को ताक पर रखकर 20 प्रतिशत वृद्धि कर लोगों पर अनावश्यक बोझ बढ़ा दिया है। बता दें कि कार पार्किंग के लिये 10 की जगह 12, जबकि दो पहिये वाहनों के लिए 5 की जगह 6 रूपये की वसूली की जा रही है।

आरके गर्ग ने कमिश्नर से कहा, दो रुपये वापस कराओ

R K GARG

पार्किंग ठेकेदारों की मनमानी का शिकार हुए आरटीआई एक्टिविस्ट व सेकेंड इनिंग के चेयरमैन आरके गर्ग ने रोष प्रकट करते कमिश्नर केके यादव को इस संबंध में पत्र लिख कर शिकायत की है। उन्होंने लिखे अपने पत्र में कहा ठेकेदार के कारिंदों ने उनसे जबरन और गैर कानूनी तरीके से पार्किंग फीस 10 की जगह 12 रुपए अधिक लिए हैं। इसलिए लिए कमिश्नर यादव ठेकेदार से उन दो रुपयों को तुरंत दिलाए। गर्ग ने मांग की है कि पार्किंक ठेकेदार के उपर वित्तीय पेनाल्टी लगाने और ठेका रदद करे।

सीफाॅरवों के संयोजक विनोद वशिष्ठ भी गरजे

सीफाॅरवों के संयोजक विनोद वशिष्ठ ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि जब से पेड पार्किंग का ठेका कार्पोरेशन ने इन दो ठेकेदारों को दिया है। तब से ये दोनों ठेकेदार कोरोना की वजह से बिज़नेस के

VINOD VASHITH

नुकसान का हवाला देते हुए लगातार एमसी से लाइसेंस फीस में 35 से सौ प्रतिशत तक छूट लेते रहे हैं। अब जब पूरी इकोनाॅमिक एक्टिविटी खुल चुकी है और पार्किंग एरिया में क्षमता से अधिक गाड़ियाँ पार्किंग की जा रही हैं। इसके बावजूद 20 प्रतिशत पार्किंग फीस को चोरी छिपे बढा दिया जाना आश्चर्यजनक है। वशिष्ठ ने कहा कि एमसी को पार्किंग ठेकेदारों की इस मनमर्जी को रोकना चाहिए। साथ ही जरूरत पडने पर उँची कीमत वाले उस ठेकेदार को बुलाना चाहिए, जिसको टेक्निकल ग्राउंड के कारण बाहर किया गया था। ध्यान रहे कि वह ठेकेदार अभी हाईकोर्ट में न्याय की मांग कर रहा है।

मेयर ने कहा दिए जांच के लिए 

RAVI KANT SHARMA

इस संबंध में जब मेयर रविकांत शर्मा से बात की तो उन्होंने भी कहा कि कई शिकायतें मिली है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को इसकी जांच करने के लिए कहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि कब से पार्किंग फीस बढ़ानी चाहिए थी। यदि पार्किंग ठेकेदार ने मनमानी की है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

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