सेक्टर-20 जामा मस्जिद ग्राउंड बनेगा शाहीन बाग! CAA पर बुद्धिजीवियों की हुंकार

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राज सिंह 
चंडीगढ़ 8 जनवरी 2020। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर शनिवार को सेक्टर-20 जामा मस्जिद में हजारोें की जुटी भीड़ के समक्ष वरिष्ठ पत्रकार अजय शुक्ल ने जबरदस्त हुंकार भरी। उनके जोशिले भाषण से हजारों लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट और अजय शुक्ल जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। शुक्ल ने कहा कि हिंदुस्तान गंगा जमुनी संस्कृति का देश है। परेशानी सी.ए.ए से नहीं है, जब एनआरसी लागू होगी समस्या तब होगी। सरकार सही कहती है कि सीएए में देश से निकाला नहीं जाएगा, लेकिन एनआरसी में दस्तावेज और प्रमाण मांगे जाएंगे। यहां कोई सीएए, एनआरसी और एनपीआर से डरता नहीं है। संविधान के मूल भावना की हत्या की जा रही है, जो सही नहीं है। संविधान ने हमे भाईचारे के साथ रहने, अभिव्यक्ति, घूमने का अधिकार समेत कई अधिकार प्रदान किए गए हैं। हम उसके साथ हैं, जो हमें जोड़े, विकास, शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा की बात करे।
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट भानू प्रताप सिंह ने कहा कि इस लड़ाई को लड़नी है और जीतनी है। केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्री की सरकार ने देश की 57 पब्लिक सेक्टर के संस्थानों की हालत बदतरकर दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष खत्म हो गया है।  जब देश के लोग खड़े हो जाते हैं तो तोप और तमंचा धरे के धरे रह जाते हैें। हम सभी को संविधान बचाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से देश को भरी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि जनता ही विपक्ष है। देश की जनता ने लड़ाई शुरू की है और देश की जनता ही इस लड़ाई को समाप्त करेगी।
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर शनिवार को सेक्टर 20 जामा मस्जिद ग्राउंड में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।
हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने इस बिल को संविधान के खिलाफ बताया। कहा कि सीएए, एनआरसी तथा एनपीआर ने संविधान को खतरे में डाल दिया है। धरना पर बैठी महिलाओं ने कहा कि हमें यह कानून मंजूर नहीं है। इसे वापस लेना ही होगा। हम सभी को नेहरू, गांधी वाली आजादी चाहिए, जो हम लेकर रहेंगे। इस दौरान  वक्ताओं ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर के संबंध में विस्तृत जानकारी लोगों को  दी। बताया कि इस कानून को लेकर क्या भ्रम है और क्या सही है। इस रैली का आयोजन ट्राइसिटी ज्वाइंट एक्शन कमेटी की ओर से किया गया। मौलाना उसमान लुधिआनवी ने कहा कि वह पूछते हैं कि गालिब कौन है। सरकार देश में बढ़ रही बेरोजगार, शिक्षा, विकास पर बात नहीं करती। यह सब हिंदुस्तानी का देश है। एनआरसी सबके  खिलाफ है और हमे इसका विरोध करते हैं। हमारी एकता कोई नहीं तोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग में सभी लोगों ने कुबार्नी दी है।
सौजन्य आज समाज

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