यूटी प्रशासन में हिम्मत है! तो यहां अवैध निर्माणों को रोककर दिखाए

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BHAGVAN PUR VILLAGE BHAGVAN PUR ROAD PAR LAL DORA KE BAHAR CHAL RHA NIRMAAN

कुमारेम 

चंडीगढ़ 15 अक्टूबर 2019। शहर के सैकड़ों लोग प्रशासक के एडवाइजर मनोज परिदा से चीख चीखकर पूछ रहे हैं कि भगवानपुरा गांव में लाल डोरा के बाहर किसके इशारे पर गगनचुम्बी इमारतें धड़ल्ले से बनवाई जा रही है। लाला डोरा से बाहर कृषि भूमि पर दिन रात मकानों को बनवाने का काम चल रहा है। इसके बाद भी प्रशासन में इतनी हिम्मत नहीं है कि इन गगनचुम्बी इमारतों के निर्माण पर रोक लगाई जाए। उन सैकड़ों लोगों ने परिदा से यह भी सवाल किया है कि नीड बेस्ड चेंजेज के आधार पर मकान में छोटे से बदलाव किए जाने पर बुलडोजर चलवा दिया जाता है, लेकिन प्रशासन बड़े मगरमच्छों की ओर से नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण कार्य को ढहाना तो दूर, रोकने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं। लोगों ने प्रशासक के एडवाइजर मनोज परिदा को ललकारते हुए कहा है कि हिम्मत है तो नियमों को ताक पर रखकर किये जा रहे निर्माण को रोक लगवाए।

गगनचुम्बी इमारतों का निर्माण

सूत्रों का दावा है कि भगवानपुरा गांव के लाल डोरा से बाहर भगवानपुरा रोड के साथ लगते एग्रीकल्चर लैंड पर पिछले कई महीनों से लगातार दिन और रात गगनचुम्बी इमारतों का निर्माण हो रहा है। यहां हैरान कर देने वाली बात है कि बड़ी बड़ी बिल्डिंगों का निर्माण कार्य लगातार चल रहे होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग पा रही है। बताया तो यहां तक जाता है कि गगनचुम्बी इमारतों के निर्माण में जुटे लोग एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं। साथ ही उनके उपर शहर के ही ताकतवर राजनेताओं का वरदहस्त भी प्राप्त है। यही कारण है कि प्रशासन के बड़े अधिकारी इन कारनामों को देखकर भी आंखें मंूदकर बैठे हुए हैं और कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

छोटे से बदलाव करने पर सख्त

सूत्रों का कहना है कि शहर में हाउसिंग बोर्ड के मकानों में नीड बेस्ड चेंजेज के आधार पर छोटे से बदलाव करने पर सख्त कार्रवाई की जाती है। नीड बेस्ड चेंजेज वाले मकानों पर प्रशासन का पीला पंजा ऐसे चलता है कि मकानों के ओर-छोर का पता नहीं चलता है। उनकी जिंदगी भी की गाढ़ी कमाई पर बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से बर्बाद कर दिया जाता है। वहीं प्रशासन उन मकानों को भी ढहाने में देरी नहीं लगाता, जिनपर गरीब लोगों ने सर ढकने के लिए 15 से 25 गज की जीमन मकान बना लिए हैं। प्रशासन ने अब तक नीड बेस्ड चेंजेज करने और छोटे-छोटे दर्जनों मकान तोड़ दिए हैं। चौकाने वाली बात है कि नियमों को ताक पर निर्माण किए गए या किए जा रहे मकानों पर कोई कार्रवाई तक नहीं की जा रही है।

इमारत बनकर तैयार भी हो गए

सूत्रों की मानें तो भगवानपुरा रोड के निकट निर्माण हो रहे गगनचुम्बी इमारतों के बारे प्रशासन में चपरासी से लेकर बड़े अधिकारियों तक को जानकारी होती है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। भगवानपुरा गांव के लाल डोरा से बाहर कई तो गगनचुम्बी इमारत बनकर तैयार भी हो गए हैं। वहीं कई बड़ी बिल्डिंगों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जबकि कई बिल्डिंगों के निर्माण कार्य हाल में ही शुरू किए गए हैं। बिल्डिंग को खड़ा करने के लिए अभी तक दर्जनों पीलर ढाले जा चुके हैं। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। समझा जा रहा है कि राजनीतिक दबाव के कारण प्रशासनिक अधिकारी की फिलहाल बोलती बंद है।

R K GARG

समाजसेवी ने कहा 

समाजसेवी सेकेंड इनिंग एसोसिएशन के चेयरमैन आरके गर्ग ने भी प्रशासनिक रवैये पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि अपनी सुविधा के अनुसार प्रशासन कानून की परिभाषा गढ़ता है। गर्ग के अनुसार छोटे छोटे मकानों में नीड बेस्ड चेंजेज को अपराध बताकर बुलडोजर चलवाया जाता है, जबकि पैसे वालों के लिए कोई नियम कायदे नहीं होते हैं। प्रशासन के अधिकारी भी आंख मूंद लेते हैं, जो देश के लिए सही नहीं है।

डीसी बराड़ ने कहा 

डीसी मनदीप सिंह बराड़ से जब इस संबंध में पूछा गया कि भगवानपुरा रोड के निकट लाल डोरा से बाहर एग्रीकल्चर लैंड पर गगनचुम्बी इमारतों का निर्माण हो रहा है और किसकी इजाजत से निर्माण हो रहा है। इस पर उन्होंने भी जांच कराने की बात कही है।

 

 

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