यूटी प्रशासन धिक्कार है ! हजारों फड़ी वालों के पेट पर लात मारने का हक तुम्हें नहीं

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संजीव शर्मा
(ब्यूरो चीफ)

चंडीगढ़ 16 दिसंबर 2019। शहर के सैकड़ों फड़ी वालों ने सोमवार को सेक्टर-25 में एमसी और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कियाप्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से साफ कर दिया है कि मुंह का निवाला छीनकर पेट पर लात मारने का हक किसी को भी नहीं हैफड़ी वालों ने धिक्कारते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि गरीबों के पेट की आग जंगल की आग से अधिक भड़काऊ होती है। यदि गरीबों की पेट की आग भड़क गई तो उसमें प्रशासन और केंद्र सरकार झुलस जाएंगे। इसलिए अभी मोदी सरकार और धृतराष्ट यूटी प्रशासन के पास वक्त है कि गरीबों की पेट की आवाज को सुनते हुए रजिस्टर्ड फड़ी वालों को शहर में रोजी रोटी कमाने के लिए जगह दे। साथ ही 30 सालों से रोजी रोटी कमाने वाले उन फड़ी वालों को फिर रजिस्टर्ड करते हुए रोजगार का अवसर मुहैया करवाए।आज प्रदर्शनकारियों ने यह भी कर दिया हक की लड़ाई के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम और प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनकी गलत नीतियों के कारण शहर के सैकड़ों फड़ी वालों के सामने भूखमरी शुरू हो गई है। फड़ीवालों का आरोप है कि एमसी के रवैये के कारण बिना कोई योजना तैयार किए ही फड़ी वालों को जंगल जैसी जगहों पर बिठा दिया गया। वहीं 30 सालों से शहर में फड़ी लगाकर रोटी कमाने वालों को कथित तौर पर प्रशासन ने एक षड्यंत्र के तहत शहर से हजारों फड़ी वालों को भूखों मरने के लिए छोड़ दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानी तो यूटी प्रशासन और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन को धारदार बनाएंगे।

वहीं मानवाधिकार मंच के प्रधान राज सिंह ने कहा कि रेहड़ी फड़ी पर हो रहे शोषण के खिलाफ उनके समर्थन में शहर के बुद्धिजीवी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशसनों के अलावा आम जनता को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने सभी से आह्वान किया है कि शहर के सैकड़ों लोग फड़ी वालों के समर्थन में सेक्टर-25 पहुंचें। राज सिंह के अनुसार प्रशासन और सरकार गरीब मजदूरों के मुंह का निवाला छीनने का काम कर रही है। उन्होेंने कहा कि सरकार अगर रोजगार दे नहीं सकती तो उसे छीनने का अधिकार भी नहीं है।
आज इस महंगाई में मजदूर पसीना बहा कर अपने परिवार की रोजी रोटी बड़ी मुश्किल से चला पाता है। राज ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन नशा, चोरी, डकैती हत्याएं और रेप जैसी घटनाएं रोकने में असफल है और गरीब की रोजी-रोटी पर डाका डालकर मुंह का निवाला छीनने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि 15 से 30 सालों से रेहड़ी लगाकर अपना रोजगार चला रहे लोगों को बेरोजगार कर दिया जाना किसी भी सूरत में सहीं नहीं हैं। मानवाधिकार मंच के प्रधान ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि रेहड़ी फड़ी वालों को बड़ा आंदोलन होगा जिस में चंडीगढ़ की जनता हिस्सा लेगी। 

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