यूटी के हजारों कर्मचारियों को मकान नहीं मिलने वाला ! सौ गुना ब्याज सहित वापसी हो: बलविंदर

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राज सिंह
चंडीगढ़ 18 नवम्बर 2020। यूटी इम्पलाइज हाउसिंग स्कीम को लेकर इंटक नेता बलविंदर सिंह ने बुधवार को बड़ा खुलासा करते हुए साफ कर दिया है कि अब सक्सेस यूटी कर्मचारियों को मकानों की उम्मीद छोड देनी चाहिए। अब यूटी कर्मचारियों को मकान लेने के लिए नहीं, बल्कि वर्षों पूर्व मकानों की आश में जमा किए गए पैसे, सौ गुना ब्याज के साथ वापसी की लडाई लडनी चाहिए। क्योंकि प्रशासन से लेकर केंद्र तक किसी की भी मंशा मकान देने की नहीं है।
इंटक नेता ने आज समाज नेटवर्क को बताया कि यूटी कर्मचारियों को मकान देने के नाम पर  राजनीतिज्ञ अपनी राजनीतिक रोटी सेक रहे हैं। चुनाव के दौरान इस मुद्दे को वोट के लिए भुनाते आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि स्के्रप हो चुके इस प्रोजेक्ट को इसलिए दोबारा पटरी पर लाया गया था, ताकि मुद्दा जिंदा रहे वोट की राजनीति चलती रहे और राजनीतिक पार्टियों को इसका लाभ मिलता रहे।
बलविंदर सिंह ने दावा किया कि यदि प्रशासन या राजनीतिज्ञों की मंशा यूटी कर्मचारियों को मकान दिलाने की होती तो वर्ष 2011 तक काम हो गया होता। बलविंदर सिंह ने साफ कर दिया कि पहले कांग्रेसियों ने इस मुद्दे को अपनी राजनीति चमकाने के लिए भुनाया। बाद में वर्ष 2014 से लेकर अब तक भाजपा इस मुद्दे को भुना रही है। इसलिए यूटी के सक्सेस कर्मचारियों को चाहिए कि मकानों के लिए पहले ही जमा किए जा चुके पैसे सौ गुना ब्याज के साथ वापसी की लडाई लडनी चाहिए।
यूटी इम्प्लाइज हाउसिंग वेल्फेयर सोसाइटी की मीटिंग सोसाइटी के प्रधान सरदार बलविंदर सिंह जी की अध्यक्षता में हुई जिसमें सरदार बलविंदर सिंह, डॉ.धर्मेंद्र, डॉक्टर ब्रह्म प्रकाश यादव, नरेश कोहली, राम प्रकाश शर्मा, रवीन्द्र कौशल, संजय मैनन आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे । मीटिंग में प्रशासन द्वारा फ्लैट्स के रेट्स की दी गई प्रपोजल पर विस्तार से डिस्कसन किया गया । डिस्कस करने के बाद यूटी इम्प्लाइज ने 7 मञ्जिला और 11 मञ्जिला दोनों प्रपोजल के रेट्स को सिरे से खारिज कर दिया और प्रशासन द्वारा अपनाए जा रहे रवैये पर रोष जाहिर किया । सोसाइटी के महासचिव डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि प्रशासन की दोनों प्रपोजल को सिरे से खारिज करके यूटी इम्प्लाइज ने ब्रोशर रेट्स पर ही सहमति जताई।
ब्रोशर रेट्स के अनुसार स्कीम के रेट केटेगरी-ए के 34.70, केटेगरी-बी के 24.30, केटेगरी-सी के 13.53 केटेगरी-डी के फ्लैट्स का एक यूनिट का रेट 5.50 निर्धारित किया था जो अब 1.51, 1.17, 68 और 46 लाख  रखा गया है जिसमें जीएसटी और दूसरे छुपे चार्जेज लगाएंगे तो इनका रेट्स और ज्यादा हो जाता । इसलिए सभी यूटी इम्प्लाइज ने ब्रोशर रेट पर ही सहमति जतायी। डॉक्टर धर्मेन्द्र ने कहा कि इसमें इम्प्लाइज का कोई कसूर नहीं है । इसलिए इम्प्लाइज इतने बढ़े हुए रेट्स क्यों दे । इस स्कीम की दोबारा से बनी प्रपोजल में स्वयं प्रशासन मान चुका है कि इसमें इन इम्प्लाइज का कोई कसूर नहीं है।डॉक्टर धर्मेंद्र ने कहा कि जमीन के बजाये गये रेट्स का सारा पैसा दोषी अधिकारियों से वसूल करना चाहिए। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमें न्यायालय पर पूरा विश्वास है और अब मामले की सुनवाई 26-11-2020 को हाइकोर्ट में होगी । हम न्यायालय में ही अपना पक्ष मजबूती के साथ रखेंगे और इम्प्लाइज को पुराने रेट्स पर ही फ्लैट्स अलाट करने के साथ-साथ दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।

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