यूटी कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर भरी हुंकार, मांगें नहीं मानी तो हड़ताल

0
606
कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर भरी हुंकार

संजीव शर्मा

चंडीगढ़ 26 सितंबर 2019। फैडरेशन आॅफ यूटी इम्पलाई एण्ड वर्कर्स चंडीगढ़ के आहवान पर यूटी, एमसी  के अलावा अन्य विभागों के कर्मचारियों ने वीरवार को एमसी दफतर सैक्टर 17 के सामने विशाल धरना व प्रदर्शन किया। धरने में बिजली, पानी, बागबानी, सड़क भारतीय बाल कल्याण परिषद, सफाई कर्मचारी, सिटको, हाऊसिंग बोर्ड, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि  अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भरी संख्या में हिस्सा लिया। धरने में काफी संख्या में महिला कर्मचापरी भी शामिल हुए। धरने का आह्वान आउटसोर्स कर्मियों को गैर कानूनी तौर पर तथा मनमर्जी से निकालने के विरोध में तथा उन्हें नौकरी पर बहाल करने के लिए, आऊटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती जेम पोर्टल से करने की बजाए उन्हें पंजाब की 2011 की रैगुलराईजेशन पॉलिसी को आधार मान कर विभाग के अधीन करने तथा पक्का करने, विभागों में खाली पोस्टें शीघ्र  भरने, भर्ती व प्रमोशन के नियमों में संशोधन करने, बिजली, सिटको आदि सरकारी विभागों का निजीकरण रोकने, 5 प्रतिशत सीलिंग खत्म कर मृतक कर्मियों के आश्रितों को पंजाब के आधार पर नौकरी देने, सीनियर व जूनियर कर्मियों की वेतन विसंगति दूर करने,भारतीय बाल कल्याण परिषद के कर्मचारियों का मनमर्जी से बन्द किया  डीए व डीसी रेट बहाल करने, डयूटी के दौरान मृतक कर्मियों के आश्रितों को 5 प्रतिशत सीलिंग खत्म कर पंजाब के आधार पर नौकरी देने तथा मुआवजा व स्पेशल वेतन देने, फील्ड स्टाफ को वर्दियां, तेल साबुन व सुरक्षा उपकरण देने, पब्लिक हैल्थ कर्मियों को संषोधित ग्रेड पे व एलटीए देने आदि मांगों को लागू कराने के लिए किया गया।

फैडरेशन आॅफ यूटी इम्पलाईज एण्ड वर्करज चण्डीगढ़ के प्रधान रघबीर चन्द, महासचिव गोपाल दत्त जोषी, वरिष्ठ उप प्रधान राजेन्द्र कटोच, ध्यान सिंह, भीमसेन, अमरीक सिंह, हरकेष चन्द, बिहारी लाल, हरपाल सिंह, पी काम राज, रेखा शर्मा, विषराम, नसीब सिंह, प्रेम लाल, स्वर्ण सिंह, विजेन्द्र कुमार, संजय कुमार, राम बहादुर, एम- सुब्रामणियम आदि फैडरेशन के पदाधिकारियों ने धरने को सम्बोंधित करते हुए मांगों के प्रति नाकारात्मक रवैया अपनाने के लिए चण्डीगढ़ प्रशासन विषेष तौर पर नगर निगम के अधिकारियों  की कड़ी निंदा की तथा आरोप लगाया कि निगम के अधिकारी कर्मचारियों की मांगों को मानने के बजाये नियमित भर्ती करने के नाम पर कान्ट्रेक्ट तथा आऊटसोर्स कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं तथा ठेकेदारों के दबाव में काम कर रहे हैं व 10-15 सालों से काम कर रहे वर्करों को बिना करण निकाल रहे हैं जो उनके अधिकारों का हनन है।

फैडरेशन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पंजाब की 2011 की रेगुलराईजेशन पॉलिसी अपनाकर सभी प्रकार के कच्चे कर्मियों को विभाग के अधीन लिया जाए तथा उन्हें पक्का किया जाए तथा उन्हें रेगुलर कर्मियों के बराबर वेतन दिया जाए तथा भविष्य में पक्के काम पर कच्चे कर्मचारियों की भर्ती न करके रेगुलर भर्ती शुरू की जाए तथा मांग पत्र में शामिल अन्य मागों को शीघ्र लागू किया जाए। वक्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी की अगर कर्मचारियों को निकालने का सिलसिला बन्द नहीं किया तथ निकाले गये कर्मचारी शीघ्र बहाल नहीं किये तथा कर्मचारियों की अन्य मांगों का समाधान नहीं किया तो फैडरेषन शीघ्र ही कार्यकारिणी की मीटिंग बुला कर सीधे संघर्ष का ऐलान करेगी।

धरने को सीटू चण्डीगढ़ के प्रधान कामरेड कुलदीप सिंह, पंजाब बोर्ड कारपोर्रेषन महा संघ के नेता गुरदीप सिंह तथा ओम प्रकाश, इम्पलाईज फोरम चण्डीगढ़ के कन्वीनर राजीव सहगल, यूटी पैंशनर्स  एसोसिऐशन के प्रधान राम सरूप, मनमोहन सिंह, विजय सिंह, शमशेर सिंह, काका सिंह आदि संगठनों के नेताओं ने भी सम्बोंधित करते हुए मांगों पर प्रशासन के नाकारात्मक रवैये की आलोचना की।  धरने में विषेश प्रस्ताव पास कर आउटसोर्स कर्मचारियों  का शोषण खत्म करने, निजीकरण रोकने तथा 2004 के बाद भर्ती  कर्मचारियों पर पुरानी पैंशन स्कीम बहाल करने के लिए सभी केन्द्रीय ट्रेड यूनियनो के आह्वान पर 30 सितम्बर 2019 को पार्लियामैंट के सामने किये जा रहे खुले अधिवेशन में भरी संख्या में शामिल होने का फैसला किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here