मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बजट सुझाव लेने प्री-बजट बैठकें की

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चंडीगढ़, 30 जनवरी 2020- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, जिनके पास  वित्त विभाग का प्रभार भी है ने अपनी बेहतर वित्तीय कुशल प्रबंधन का परिचय देते हुए आगामी विधानसभा बजट सत्र के दौरान वित्त वर्ष 2020-21 के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले अपने पहले बजट को एक नई कवायद देने की पहल की है। मुख्यमंत्री ने बजट के लिए सुझाव लेने के लिए उघोग जगत, सेवा क्षेत्र तथा रियल इस्टेट व अन्य हित धारकों के साथ प्री-बजट बैठकें की हैं तथा विधानसभा में विधयकोंं से भी बजट प्रस्तुत करने से पहले सदन में चर्चा करवाने की घोषणा की है।

सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए अंत्योदय की भावना से कार्य करने के अपने लक्ष्य को बैंकों के माध्यम से पूरा करने की शुरूआत की है। इसके लिए उन्होंने 1.80 लाख रुपये वार्षिक की आय या 5 एकड़ तक की भूमि जोत वाले परिवारों को ‘मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना’ के तहत 6000 रुपये वार्षिक की सहायता प्रदान करने की शुरूआत की है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने ऐसे परिवारों के लिए इस राशि में से ही केंद्र सरकार की 5 योजनाओं नामत: ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’, ‘प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना’, ‘प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना’, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजनाओं के बीमे व पेंशन के प्रीमियम की राशि उनके बैंक खातों में राज्य सकार की अेार से डालने की घोषणा की है। इसके अलावा इस 6000 रूपये की राशि में से शेष राशि लाभपात्र परिवारों के बैंक खातों में रहेगी, जिसकी निकासी  वे अपनी आवश्यकता अनुसार कर सकेंगेेेे । इस प्रकार प्रत्येक परिवार को समृद्घ बनाने की पहल करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य होगा।

प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री बैंकर्स से पहले ही आह्वान कर चुके हैं कि  वे एक वर्ष के अंदर-अंदर प्रदेश की हर ग्राम पंचायत तक अपनी शाखाएं पहुंचाना सुनिश्चित करें, क्योंकि योजनाएं चाहे केन्द्रीय वित्त पोषित हो या राज्य सरकार की हों, आखिर बैंकों के माध्यम से ही पूरी होती हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर बैंक अब युवाओं के लिए शिक्षा ऋण सुगमता से उपलब्ध करवाएंगे। वर्तमान में हरियाणा राज्य में 5684 बैंक शाखाएं, 5911 बैंक मित्र हैं तथा 6055 एटीएम संचालित हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की हर पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवाने की योजना के मद्देनजर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने  बैंकर्स से यह आह्वïान किया है।

प्रवक्ता ने बताया कि नाबार्ड द्वारा जारी किए गए वर्ष 2020-21 के स्टेट फोकस पेपर में ‘‘उच्च तकनीक वाली कृषि पद्धतियों’’ को मुख्य रूप से फोकस किया है तथा हरियाणा राज्य के लिए 1,46,733 करोड़ रुपये की ऋण संभाव्यता तैयार की है। इसी प्रकार, बैंकों द्वारा हरियाणा के लिए वर्ष 2020-21 के लिए 1,45,777 करोड़ रुपये की वार्षिक ऋण योजना तैयार की है, जिसमें फसल ऋण के लिए 55642 करोड़ रुपये, कृषि सावधि ऋण के लिए 29035 करोड़ रुपये, एमएसएमई के लिए 42,492 करोड़ रुपये तथा अन्य प्राथमिक क्षेत्र के लिए 18,408 करोड़ रुपये शामिल है।

उन्होंने बताया कि देश के भौगोलिक क्षेत्र का 1.7 प्रतिशत तथा जनसंख्या का 2.6 प्रतिशत प्रतिनिधित्व होने के बावजूद हरियाणा का देश की आर्थिक विकास दर में अहम योगदान है।  उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान राज्य सरकार का लोगों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिए जिन योजनाओं पर मुख्य फोकस रहेगा उनमें स्टाम्प डयूटी कम करना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान समूहों के ऋण, डीआरआई अग्रिम तथा फसल अवशेषों के माध्यम से बॉयागैस तैयार करने लिए संयंत्र लगाना तथा शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाने की योजनाएं शामिल हैं तथा बैंकों को इन योजनाओं को ध्यान में रखकर अपने कार्यक्रम तैयार करने की अपील मुख्यमंत्री गत दिनों बैंकर्स के  साथ हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक में कर चुके है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने बैंकों से संकटकाल ऋण योजना तैयार करने को भी कहा है जिससे इस योजना से लोग साहूकारों के चुंगल से भी बच सकेंगे।

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