धोखा देने वाली एमपी किरण खेर से मिलकर अब क्या करोगे खाक !

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राज सिंह
चंडीगढ़ 05-11-2019, यूटी इम्प्लाइज हाउसिंग वेल्फेयर सोसायटी चण्डीगढ की आम सभा की बैठक बुलाई गई जिसमें सैकड़ों लोगों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता सोसायटी के प्रधान सरदार बलविन्दर सिंह जी ने की । सोसायटी के महासचिव डॉ० धर्मेन्द्र ने बताया कि यूटी के इन 3930 सक्सेसफुल इम्प्लाइज को अपने फ्लैटों के इन्तजार में 12 साल बीत गये पर अभी भी इनमें पूरा जोश भरा हुआ था। वो सब आज इस बात पर अडिग थे कि उन्हें पुराने रेट पर ही फ्लैट चाहिए। आखिर इम्प्लाइज का क्या कसूर था कि 12 साल बीतने के बाद भी चण्डीगढ हाउसिंग बोर्ड ने इम्प्लाइज को फ्लैट बनाकर नहीं दिये। डॉ० धर्मेन्द्र ने कहा कि 2008 में जब स्कीम निकली तो इम्प्लाइज ने 57 करोड़ 82 लाख 30 हजार रुपये हाउसिंग बोर्ड के पास जमा कराए थे लेकिन ऑफिसर्स की इस स्कीम के प्रति  उदासीनता के कारण स्कीम का काम लटक गया। इस दौरान यूटी कर्मचारियों ने कहा कि किरण खेर को वोट देने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। हालाँकि उन्होंने न्यायलय पर पूरा भरोसा जताया।

 इतना ही नहीं ऑफिसर्स ने जब प्रपोजल बनाकर केन्द्रीय गृह मंत्रालय भेजा तो बड़ी चालाकी के साथ प्रपोजल में रेट इतने ज्यादा लगाकर भेजा कि यही अफसरों के लिए मुसीबत बन गया क्योंकि यही वजह रही कि प्रधानमंत्री आवास योजना तक रेट के कारण अटक गई । डॉ० धर्मेन्द्र ने कहा कि चण्डीगढ हाउसिंग बोर्ड  सैक्टर-53 की जिस जनरल हाउसिंग स्कीम का डिमाण्ड सर्वे कर रहा है उसमें भी बहुत ज्यादा रेट के कारण आम लोगों ने कोई रुचि नहीं दिखाई है । इतने ज्यादा रेट पर तो आइ ए एस अधिकारी भी फ्लैट नहीं खरीद सकते हैं आम कर्मचारी के लिए तो और भी मुश्किल है। इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने सांसद किरण खेर से मिलने की सलाह दी, जिसपर कुछ कर्मचारियों ने खेर पर गुस्सा निकालते हुए कहा कि अब धोखा देने वाली एमपी किरण खेर से मिलकर क्या खाक करोगे। अब तो न्यायालय से ही उम्मीद है।

सोसायटी के उप प्रधान नरेश कोहली ने कहा कि हमें अपने माननीय हाईकोर्ट पर पूरा भरोसा है कि हमें पुराने रेट पर ही फ्लैट मिलेंगे । साथ ही यह भी कहा कि  हमें उच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है यदि  सुप्रीम कोर्ट भी जाना पड़ा तो जाएँगे और फ्लैट मिलने तक अपनी लडाई जारी रखेंगे । डॉ०धर्मेन्द्र ने आगे बोलते हुए कहा कि जब चण्डीगढ प्रशासन किसानों से जमीन एक्वायर करता है तो उसे एकड़ के हिसाब से खरीदता है और बेचता है तो गज के हिसाब से जो कि न्याय संगत नहीं है । चण्डीगढ हाउसिंग बोर्ड का काम नो प्रॉफिट नो लोस पर लोगों को घर बनाकर देना है पर अब चण्डीगढ हाउसिंग बोर्ड प्रॉपर्टी डीलर की तरह काम कर रहा है । इसीलिए किसान भी अब  चण्डीगढ प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ हाईकोर्ट में पहुंच चुके हैं । वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामप्रकाश शर्मा ने कहा कि हमारे साथ चण्डीगढ प्रशासन और चण्डीगढ हाउसिंग बोर्ड ने अन्याय किया है । न्याय के लिए हम लडाई जारी रखेंगे ।

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