राष्ट्रव्यापी हड़ताल से जनजीवन अस्त-व्यस्त, केंद्र की मजदूर विरोधी नीतियों से हजारों कर्मचारी उतरे सड़क पर

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लेबर लाॅ एवं अन्य मांगों को लेकर देशव्यापी हडताल  
SANJIV SHARMA

चंडीगढ़ 26 NOV 2020। सभी केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर वीरवार को यूटी, एमसी, बैंकिंग व अन्य विभागों के हजारों कर्मचारियों ने मुकम्मल हड़ताल की। इस हड़ताल में बिजली, पानी, बागबानी, सड़क, बाल कल्याण परिषद, सिटको, वीडीओ, एमसी मनीमाजरा, कैपीटल प्रौजेक्ट, सफाई कर्मचारी केंद्रीय विभाग के कर्मचारियों सहित करीब 18 यूनियनों से सम्बन्धित हजारों कर्मचारियों ने देशव्यापी हडताल में हिस्सा लिया। शहर के बिजली कर्मचारियों की हड़ताल रात 12 बजे शुरू की गई थी, जो मध्य रात 12 बजे तक जारी रही। हड़ताल के दौरान किसी भी किस्म का कोई काम नहीं किया गया। सरकार ने कुछ वैकल्पिक इंतजाम किये थे, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उनके इंतजाम धरे के धरे रह गये। कई इलाकों में बिजली कट रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पडा, जबकि कार्यालयों में उपस्थिति कम रहने से जरूरमंद लोगों मायूस होकर अपने घरों को जाना पडा। इंटक ने सेक्टर-17 प्लाजा में किया प्रदर्शन
केंद्र सरकार द्वारा संसद में बिना किसी चर्चा या बहस के पास किए गए मजदूर और किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ इंटक चंडीगढ़ की तरफ से प्लाजा सेक्टर 17 में प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा, इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष दविंदर लुबाना, इंटक के पूर्व अध्यक्ष कुलबीर सिंह, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हरजिंदर सिंह, महासचिव बलविंदर सिंह, हरमेल केसरी, यदविंदर मेहता, ममता राणा, बलराज सिंह, भजन कौर, राकेश बरोटिअ, मैरी जॉर्ज, वरिंदर रावत, अजीत सिंह बहलाना, राम करन अलावा सैकडों लोग उपस्थित थे। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सेक्टर-37 में प्रदर्शन
ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ गोवेरेन्टमेंट एंड एमसी एम्प्लाईज एंड वर्कर्स की ओर से वाटर वर्क्स सेक्टर-37 में केंद्रीय सरकार की मजदूर मुलाजिम विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन किया। धरने को संबोधन करते हुए ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कंवीनर अशवनी कुमार और चेयरमैन सुरमुख सिंह ने कहा कि केंद्रीय सरकार और चंडीगड़ प्रसाशन मजदूर मुलाजिम विरोधी नीतियां ला रही है। लेबर कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव किए जा रहे हैं। बिजली विभाग का निजीकरण किया जा रहा है। कर्मचारियों का डीए फ्रीज कर दिया गया है। चौथे दर्जे की भर्ती बंद कर दी है। कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग वर्कर्स का जेम राही आए ठेकेदार शोषण कर रहे। अश्वनी कुमार ने कहा कहा कि लेबर कानूनों में किये बदलाव वापिश लिए जाएए कर्मचारियों का डी ए तुरंत लागू किया जाए। इस दौरान कई कर्मचारी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। कोआरडीनेशने कमेटी का सेक्टर-43 में
देश व्यापी हड़ताल के समर्थन में केन्द्र सरकार की र्कमचारी विरोधी नीतीयों के खिलाफ आज फूका गया। इसके अलावा 10 दिसंबर को गवर्नर हाउस घेरावा का भी ऐलान किया। कोआरडीनेशन कमेटी आफ गवर्नमेंट एण्ड एम सी इंपलाईज एण्ड वरकरज की ओर से सैक्टर-43 बस स्टैंड पर सीटीयू कंडक्टर्स यूनियरन और सीटीयू एससीबीसी वेलफेयर एसोसिएशन ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते पुतला फूंका और प्रदर्शन किया। महासचिव राकेश कुमार ने चंडीगढ़ के प्रशाशक वीपी सिंह बदनोर से अपील की कि यूटी र्कमचारीयों की मांगों का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार निजीकरन की नीति के तहत पब्लिक सैक्टर के अंतर्गत आते चहेते लोगों को बेच रही हैं। इस लिए लेबर कानूनो में मजदूर विरोधी बदलाव किए जा रहे हैं। मुलाजिम  इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे ।सरकारी कर्मचारी फैड़रेशन सेक्टर-17 में प्रदर्शन
केंद्र सरकार की मजूदर विरोधी नीतियों को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फैड़रेशन के आह्वान पर सेक्टर-17 स्थित शिवालिक होटल के निकट रैली निकाली गई। बाद में शिवालिक होटल से भारी संख्या में सैक्टर-17 में जुलूस निकाला गया। फैड़रेशन के सचिव तथा यूटी इम्पलाईज फैड़रेशन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने हड़ताल की प्रमुख मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि यह हड़ताल सस्ती बिजली देने के बावजूद मुनाफे में चल रहे चण्डीगढ़ के बिजली विभाग के किए जा रहे निजीकरण को रद्द करने, वर्ष 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर लागू न्यू पैन्शन स्कीम रद्द कर पुरानी पैंशन लागू करने, डेलीवेज, वर्कचार्ज कान्ट्रेक्ट,  आउटसोर्स हर प्रकार के कर्मचारियों को पक्का करने, माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले अनुसार बराबर काम के आधार पर बराबर वेतन देने के अलावा अन्य मांगों को लेकर केंद्र व स्थानीय प्रशासन पर जमकर बरसे। जोशी ने जेम प्रणाली खत्म कर कान्ट्रेक्ट कर्मियों को आउटसोर्स एजेंसियों की बजाय दिल्ली की तर्ज पर सीधे विभागों द्वारा रखने की भी मांग की।

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