दीपावली के बावजूद ट्राई सिटी में व्यापार का तो भट्ठा ही बैठ गया!

0
588
संजीव शर्मा 
चंडीगढ़ 28 OCT 2019। ट्राई सिटी के सैकड़ों व्यापारी इस बार दिवाली और धनतेरस को सालों साल याद रखेंगे। इस बार कपड़े, गहने, गाड़ियां के अलावा अन्य सामानों पर जबरदस्त मंदी की मार रही है। चारो ओर हर तरफ मंदी की मार से व्यापारी कराह रहे हैं। इस बार अक्टूबर 2019 के फेस्टी मंथ में ऐसा ही कुछ देखने, सुनने को मिला। अगर ट्राईसिटी की ही बात की जाए तो यहां पहले के मुकाबले नाम मात्र गहनों की खरीदारी हुई, दो पहिए और चार पहिए गाड़ियां पहले के मुकाबले बेहद कम बिकी।  हां लोग त्योहार के चलते रस्म अदायगी के लिए स्टील के बर्तन जरुर खरीदते नज़र आए। वहीं दिवाली में भी पटाखों और लड़ियां की खरीदारी मुकाबले बेहद कम बिके। शहर में आए सोनी के एमडी सुनील नायर और गोदरेज के इंडिया हेड अविक मुखर्जी भी यह कहकर गए थे कि देश मंदी में है और उभरने के प्रयास कर रहा है। 
कारे-बर्केले टाटा मोटर्स औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 के जीएम गिरीश दाहूजा ने बताया कि इस फेस्टीवल मंथ में उनके द्वारा ट्राईसिटी में आज शाम तक सिर्फ 51 नयी और 21 पुरानी कारें बेची गई। इन कारों की बुकिंग नवरात्रों में हो गई थी। आज कुछ खास सेल नहीं हुई। दाहूजा के अनुसार- 2017 के अंत  से मंदी की मार जारी है। जिससे बिजनेस सेक्टर आज तक नहीं उभरा है।
वह कहते है कि साल -2017 में उनके द्वारा अक्टूबर में 351 कारें सिर्फ ट्राईसिटी में बेची गई थीं। जिसके बाद वह इस संख्या के नजदीक भी नहीं जा पाए है। साल 2019 मंदी वाला ही है। देश में ओवरआल मार्केट डाऊन है। जीएसटी भी इसका एक कारण है। गहने-स्वर्णकार संघ पंजाब के सीनियर उपाध्यक्ष सर्बजीत सिंह कहते है कि इस बार दीवाली  को ठंडी दीवाली का नाम दिया जाए तो कुछ गलत नहीं है,और ऐसा सिर्फ स्वर्णकारों के लिए नहीं हर किसी के लिए है। चाहे वह किसी भी तरह का कारोबारी है।
बकौल सिंह कारोबार पर 60 से लेकर 70 फीसद मंदी की मार है। इसकी वजह आॅन लाईन शापिंग और देश में बीते दो,तीन सालों से चली आ रही आर्थिक मंदी है। अगर आज के धनतेरस की बात की जाए तो ट्राईसिटी में अंदाजन 8 से 10 करोड़ रुपए का सोने,चांदी का कारोबार हुआ है। अब आज के बाद ,दो चार दिन में इस फीसद में 50 प्रतिशत और की कमी आ जाएगी। मोहाली व्यापार मंडल के अध्यक्ष विनीत वर्मा के मुताबिक इस बार काम बेहद धीमा है। आॅन लाइन ट्रेंडिंग ने 70 फीसद काम मंदा कर दिया। उस पर आॅफ लाइन का काम ठंडा करने के लिए नगर निगम मोहाली फड़ी वालों पर अलग से मेहरबान है।
वर्मा के शब्दों में चंडीगढ़ में तमाम स्कूल पार्किंग इन दिनों के लिए आम लोगों के लिए खोल दी गई है। उनके द्वारा डीसी को कहा गया था कि मोहाली के समुदायिक भवन पार्किंग के लिए सिर्फ शाम को खोल दिए जाए।  मगर ऐसा नहीं हुआ और लोग परेशान हो रहे है। इसके अलावा नगर निगम यह कर रहा है कि मार्केट में फड़ी लगाने वालों की पर्ची काट कर उनको बैठने की इजाजत दे रहा है। अब जहां एक ब्रांडिड शोरुम वाला कपड़े बेच रहा है, उसी के बाहर एक फड़ी वाला उसी ब्रांड के सस्ते कपड़े औने पौने दामों में बेच रहा है। यह बात सही है कि दोनों के कमाने का समय यही है। मगर निगम को ज्यादा आय शोरुम वाले से है। इसके बावजूद निगम उसकी दुकान के आगे फड़ी लगवा रहा है। चंडीगढ़ ने फड़ी के लिए सिर्फ एक दिन की मंजूरी है,मगर मोहाली में ऐसी कोई समय सीमा नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here