चंडीगढ़ शहर को केंद्रीय बजट 2020-21 में मिला झुनझुना! प्रतिक्रियाएं

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चंडीगढ़ 01 फरवरी 2020 । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज लोकसभा में  आम बजट पेश किया गया उसमें चंडीगढ़ को 5138.10 करोड़ रुपये आगले वित्त वर्ष में मिलेंगे। इसमें रेवेन्यू हेड के तहत 4643 करोड़ और कैपिटल हेड में 494 करोड रुपए मिले हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस बार जो बजट डिमांड भेजी थी उसमें 5300 करोड़ रुपये मांगे गए थे। प्रशासन ने आम वजट में कैपिटल हेड में करीब 500 करोड़ जबकि रेवेन्यू हेड में 4800 करोड़ रुपए की डिमांड केंद्र सरकार से की थीE  लेकिन वित्त मंत्रालय ने फिर से प्रशासन की मांग के अनुरूप बजट नहीं दिया है। इसमें से निगम को 425 करोड़ रुपये मिलेंगे जो कि गत वर्ष  के बजट से 50 करोड़ रुपये अधिक है। ज्ञात रहे कि गत वर्ष के बजट में नगर निगम को प्रशासन के बजट में से 375 करोड़ रुपये मिले थे जबकि निगम ने 1270 करोड़ रुपये के बजट अनुमान तैयार कर प्रशासन को भेजे थे। हमेशा की तरह गत वर्ष भी निगम ने प्रशासन से बजट एलोकेट होने के बाद अपने बजट अनुमान प्रशासन को भेजे थे।

कांग्रेस प्रदेश अध्य्क्ष प्रदीप छाबड़ा

चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्य्क्ष प्रदीप छाबड़ा ने आज भाजपा सरकार द्वारा पेश किए बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया की। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी केंद्र की मोदी सरकार ने शहर के लिए बजट में वार्षिक वृद्धि के हिसाब से कटौती कर अपनी अर्थव्यवस्था के दिवालियापन का सबूत दे दिया है ओर बजट बढ़ा कर लाने में नाकाम सांसद किरण खेर की नाकामियों की फ़ेहरिस्त में एक ओर कड़ी जुड़ गई है इस बार जितना बजट बढ़ा है इस से तो शहर के खड्डे भी नही भर पायेंगे। इस बार का बजट शहर की जनता की उम्मीदों के साथ धोखा है। लगातार बड़ी बड़ी घोषणाए कर चंडीगढ़ की जनता के साथ मजाक किया जा रहा है। हर वर्ग के इनकम के रास्ते बंद कर इनकम टैक्स में छूट भी एक नया जुमला है। बजट से शहर की जनता की भावनाएं आहत हुई है विकास की उम्मीद लगाकर बैठा हर शहरवासी के हाथ निराशा लगी है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण सूद

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण सूद ने बजट 2020-21 को ऐतिहासिक, सर्वस्पर्शी और सर्वव्यापक बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार प्रकट करते हुए कहा कि शहर को इस बार 385 करोड़ अधिक मिला जो पिछले साल की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। अध्यक्ष सूद ने कहा कि नगर निगम को 425 करोड़ मिले हैं, जो पिछले साल की तुलना में 50 करोड़ अधिक और करीब 14 प्रतिशत ज्यादा है। इस प्रकार से इस बार का बजट बहुत अच्छा है, जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है।

अध्यक्ष व सीए प्रेम गर्ग

आप चंडीगढ़ के अध्यक्ष और सीए प्रेम गर्ग का कहना है कि वो पिछले 40 वर्षों से हमेशा बजट भाषण सुनते आए हैं, लेकिन इस साल का बजट भाषण शायद सबसे लंबा और सबसे उबाऊ बजट भाषण था, जो केवल उपदेश और कविताओं से भरा था। यह केवल एक जुमला भाषण था और इतना लंबा कि जिसके अंत में वितमंत्रि साहिबा ऊबकर लगभग बेहोश सी हो गयी। नई व्यक्तिगत कर व्यवस्था के तहत कर दरों में बहु प्रतीक्षित कमी भी महज एक  जुमला है, क्योंकि आप इसमें एचआरए, स्टैंडर्ड डिडक्शन, होम लोन पर ब्याज आदि जैसी सभी कटौती और छूट आप नहीं ले सकते। पुरानी और नई दोनों दरों को बनाए रखने से सिस्टम और अधिक भ्रमित हो जाएगा और जटिल भी।

कांग्रेस नेता हरमेल केसरी 

सबसे पहले मोदी सरकार के इस बजट को दिवालिया सरकार का दिवालिया बजट कहा जाए तो गलत नहीं होगा। आज देश में 65 प्रतिशत के करीब जनसंख्या 35 वर्ष से कम युवाओं और युवतियों की है । लेकिन इस बार दिवालिया बजट में नौजवानों के रोजगार के लिए कुछ भी नहीं है। आज देश का नौजवान नौकरी के लिए जगह जगह भटक रहा है। सरकार नौजवानों के लिए नई नौकरियां का प्रावधान करने में नाकामयाब रही है। इनकम टैक्स की स्लैब में जो बदलाव किया गया है वो ऐसा दिखता है जैसे एक हाथ से देकर दूसरे हाथ से लेने कि काम सरकार कर रही है।

सेल अध्यक्ष अवि भसीन

भाजपा इंडस्ट्रियल सेल अध्यक्ष अवि भसीन ने शनिवार को पेश केन्द्रीय बजट को अच्छा बताया और स्वागत करते हुए कहा कि आयकर स्लैब में बदलाव का प्रस्ताव ऐतिहासिक है। ईमानदार टैक्स पेयर की बहुत समय से मांग थी कि उन्हें आयकर देने में राहत दी जाए, जिसे वित्तमंत्री सीतारमण में पूरा किया। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री धन्यवाद की पात्र है। इस बजट में युवाओं को उच्च क्वालिटी शिक्षा देने का विजन है। साथ ही राष्ट्रीय रिक्यूटमेंट एजेंसी बनाने की घोषणा बहुत अच्छी है। जिससे युवाओं के लिए रोजगार की असीम संभावनाएं पैदा होंगी।

यादवेन्दर मेहता 

केवल भाषण से देश की आर्थिक स्थिति में बदलाव नहीं होगा । आज के बजट में युवाओं के लिए रोजगार की नीति का अभाव दुखद है। विकास दर सहित अन्य मुद्दों पर केंद्रीय बजट में स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया है जिससे जनता के हाथ एक बार फिर निराशा लगी है। साल में पहली बार इनकम टैक्स कॉलेक्शन में गिरावट आई है। बेरोजगारी व गिरती अर्थव्यवस्था के कारण काम धंधे चौपट है जब इनकम ही नही है तो टैक्स कहाँ से देंगे। इनकम टैक्स की स्लैब में बदलाव भी एक मजाक है बेहद निराशा पूर्ण बजट.

फाइनेंशियल एडवाइजर राजीव कथूरिया 

यह बजट मिला-जुला बजट है इस बजट में चंडीगढ़ से कोई भी ट्रेन शुरू नहीं की गई है और ना ही आगे के लिए कोई घोषणा की गई है जिससे कि चंडीगढ़ के लोगों में भारी निराशा हुई है, इसके अलावा आज शेयर मार्केट में निवेशकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा इस बजट में युवाओं के लिए नौकरियों की कोई भी बड़ी घोषणा नहीं की गई इस बजट में लोगों को आशा थी की लोंग टर्म कैपिटल गेन हटा दिया जाएगा हटा दिया जाएगा लेकिन ऐसा इस बजट में कुछ भी देखने को नहीं मिला जिससे कि शेयर मार्केट को बल मिलता.

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