चंडीगढ़ में पानी दरों की बढ़ौतरी पर आक्रामक हुए शहर के आरडब्ल्यूए, मोर्चा खोलेंगे

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चंडीगढ़ 10 फरवरी 2020। नगर निगम बजट बैठक में करीब तीन गुणा से भी अधिक पानी की दरों को बढ़ाकर सालाना डेढ़ सौ करोड़ कमाई करने की जानकारी के बाद से शहर के लोगों में जबरदस्त रोष है। एमसी के पब्लिक नोटिस को लेकर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों ने विरोध करने का मन बना लिया है। इसके विरोध को लेकर सभी फैडरेशनों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के अलावा अन्य स्टेक होल्डरों के पदाधिकारियों के बीच लगातार बैठकें चल रही हैं। नगर निगम का दावा है कि प्रतिवर्ष पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट पर 80 लाख रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। ऐसे में एमसी के पास एक ही उपाय है कि पानी की दरों में बढ़ौतरी की जाए। ताकि एमसी का घाटा कम होने के साथ कमाई भी शुरू हो जाए। अब तक पानी की दरों में बढ़ौतरी यह कहते हुए नहीं की गई थी कि शहर को 24 घंटे पानी मिलने के बाद ही दरों में इजाफा होगा। फिलहाल शहर को 29 एमजीडी पानी मिल तो रहा पर 24 घंटे पानी सप्लाई का वायदा अब तक पूरा नहीं हुआ है। फिलहाल पानी की दरों को बढ़ाने का विरोध शुरू हो चुका है।
संयोजक विनोद वशिष्ठ
सिटी फोरम आॅफ रेजिडेंट्स वेलफेयर आॅगेर्नाइजेशन के संयोजक विनोद वशिष्ठ का कहना है कि सेंट्रल ग्राउंड वाटर आथोरिटी के अनुसार पीने और घरेलू उपयोग के लिए अनुमानित पानी की आवश्यकता 10 लाख से ऊपर आबादी वाले शहर के लिए प्रतिदिन 150 से 200 लीटर प्रति व्यक्ति है। वशिष्ठ के अनुसार प्रतिमाह 22.5 से 30 किलोलीटर प्रति हाउसहोल्ड में तब्दील हो जाता है, जबकि प्रति हाउसहोल्ड औसत मासिक घरेलू खपत शहर के लिए 40 किलो लीटर से अधिक है। प्रस्तावित नए पानी के टैरिफ स्लैब के साथ, शहर के दो-तिहाई से अधिक उपभोक्ताओं को 12 रुपये प्रति किलोलीटर के हिसाब पानी बिलों भुगतान करना होगा, जबकि वर्तमान स्लैब में 4 रुपये प्रतिकिलो लीटर है। जिस करण पानी की टैरिफ में तीन गुना वृद्धि हो जाएगी, जो लोगों के लिए इस मंदी के दौर में आर्थिक बोझ बन जाएगा। वशिष्ठ के अनुसार शहर में टर्सरी वाटर नेटवर्क को मजबूत करना चाहिए। ताकि शहर के लोग सिंचाई के लिए टर्सरी वाटर का उपयोग करे और पीने वाले पानी बर्बादी कम होते हुए शहर देश के जल शक्ति अभियान का हिस्सा बन सके।
क्राव्फ्ड चेयरमैन पूरी ने कहा
क्राव्फ्ड चेयरमैन हितेश पूरी ने कहा हम पानी के शुल्क में वृद्धि के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त करते हैं। एमसी को पानी की बबार्दी पर नजर रखनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पानी का कोई कनेक्शन न छूटे। उन्होंने फैडरेशन के पदाधिकारियों से कहा है पानी दरों में बढ़ौतरी को लेकर विरोध दर्ज कराएं।
फॉस्वेक के मख्य प्रवक्ता पंकज गुप्ता 
फॉस्वेक के मख्य प्रवक्ता पंकज गुप्ता ने पानी की दरों को बढ़ाने की किसी भी योजना का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता को भी आम आदमी की पहुंच से बाहर रखा जा रहा है। एक तरफ तो काउंसलर्स के अनावश्यक स्टडी टूर, मीटिंग्स, सुविधाओं और उद्घाटनों के नाम पर लाखों रुपए बेरहमी से खर्च किए जा रहे हैं और उसकी भरपाई के लिए गरीब और रिटायर्ड आदमी पर नकेल कसी जा रही है। गुप्ता के अनुसार नगर निगम चंडीगढ़वासियों को आवश्यकता के अनुसार साफ पानी उपलब्ध नहीं करवा पाया है और न ही जगह-जगह हो रही लीकेज को रोक पाया है। नगर निगम अपने बेफिजूल खर्चों का आॅडिट करवाये और इस संबंध में दिल्ली सरकार के पैटर्न का अनुसरण करे।
सीएचबी फैडनेशन के प्रधान रजत बोले
सीएचबी रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन प्रधान रजत मल्होत्रा का कहना है कि पानी के टैरिफ में प्रस्तावित बढ़ोतरी और बाद में हर साल 5 प्रतिशत बढ़ौतरी की योजना का पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम को अपने खर्च पर नियंत्रण करना चाहिए और निवासियों पर न्यूनतम बोझ डालना चाहिए। इसमें पानी की बबार्दी पर नजर रखनी चाहिए। शहर में सैकड़ों अन मीटर्ड पानी के कनेक्शन खत्म करना चाहिए। रजत मल्होत्रा ने एमसी अधिकारियों से कहा है कि वाटर ट्रिटमेंट प्लांट ठीक कराकर टर्सरी वाटर की गुणवत्ता को बढ़ाए ताक शहर लोग इस पानी का उपयोग लॉनों की सिचाई के लिए बढ़चढ़कर उपयोग कर सके।
यहां बताना जरूरी है कि नगर निगम ने पानी की दरों को बढ़ाने के लिए शहर की जनता से सुझाव और आब्जेक्शन मांगे हैं, जिसकी अंतिम तारीख 12 फरवरी है। यह सुझाव नगर निगम के कमिश्नर को दी जा सकती है। 
 
सौजन्य आज समाज 

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