चंडीगढ़ का चर्चित युवा नेता, कड़ी मूंछें नरम दिल वाला अवि भसीन 

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युवा नेता अवि भसीन

राज सिंह 

चंडीगढ़ 18 OCT 2019 । लोकसभा चुनाव के बाद शहर में एक ओर जहां राजनीतिक गतिविधियां पूरी तरह से ठंडी पड़ गई है। वहीं दूसरी ओर शहर में कड़ी मूंछें नरम दिल वाला युवा नेता अवि भसीन की राजनीतिक हल्कों में जबरदस्त चर्चा हो रही है। औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों में छोटे-बड़े सभी के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चलने के लिए अवि अक्सर चर्चा में रहते हैं। अवि भसीन राजनीतिक तौर पर भाजपा से जुड़े हुए हैं और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व कद्दावर नेता संजय टंडन के बेहद करीबी मानें जाते हैं। इस बार लोकसभा चुनाव-2019 में  टंडन ने अवि पर पूरा भरोसा जताते हुए शहर में आने वाले सभी वीवीआईपीज यहां तक की चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन स्वागत के लिए भसीन को ही स्थानीय एयरपोर्ट पर लगाया गया था

समर्थक बताते हैं

अवि भसीन के समर्थक बताते हैं कि बहुत ही कम उम्र में अवि ने अपने पिता सुनील भसीन के कारोबार में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। इस बीच पिता के साथ कारोबार में हाथ बंटाते हुए अवि में राजनीतिक जिज्ञासा व रूचि बढ़ने लगी। 40+ अवि भसीन कई संगठनों से जुड़कर शहर की भलाई के लिए लगातार काम करते आ रहे हैं। औद्योगिक संगठन सिया में आठ साल तक फाउंडर प्रधान रहते हुए उद्यमियों की भलाई के लिए उन्होंने बहुत काम किया। अभी भी सिया में एडवाइजर रहते हुए उद्यमियों के लिए काम कर रहे हैं। अवि औद्योगिक क्षेत्र में लीज से फ्री होल्ड के अलावा एफएआर कराने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। प्रशासन ने भसीन को आश्वस्त किया है कि पंजाब हरियाणा में फीस को लेकर स्टडी कराने के बाद लीज से फ्री होल्ड कराएंगे।

सिंधी स्वीट्स के मालिक

इसी मेहनत को देखते हुए व्यापार जगत की जानी मानी हस्ती सिंधी स्वीट्स के मालिक नीरज बजाज ने चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल से युवा अवि भसीन को जोड़ा था। यहां भी कार्यकारिणी सदस्य रहते हुए अवि को जो भी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, बखूबी निभा रहे हैं। 

अनुशासित, मितभाषी

नरम दिल, कर्मठ अनुशासित, मितभाषी, ईमानदारी और लगन को देखते हुए आरएसएस के बड़े पदाधिकारियों ने अविभसीन को लघु उद्योग भरती का उपाध्यक्ष बना दिया है। भाजपा में इंडस्ट्री प्रकोष्ठ में बतौर स्टेट कन्वीनर के अलावा इस्पा में कार्यकारिणी सदस्य होते हुए लोगों की भलाई के लिए न सिर्फ काम करते हैं, बल्कि संबंधित मांगों को लेकर प्रशासन से लड़ाई भी मोल ले लेते हैं। हालांकि अवि के बेहद करीबी कहते हैं कि राजनीति में सक्रीय भूमिका में आने के लिए कुछ लोगों ने अवि को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने का ड्रामा तो किया, लेकिन आगे बढ़ने की कोशिश करते ही उनकी टांगें खींच ली जाती थी। अंतत: पार्टी के प्रधान संजय टंडन ने अवि भसीन की खासियत को पहचानते हुए अपने साथ ले लिया और पार्टी के लिए उन्हें कई जिम्मेदारियां भी सौंपी, जिसमें अवि भसीन लगातार खरा उतरता गया। आज टंडन के बेहद करीबियों में से एक नाम अवि भसीन का भी आता है।

प्रधानमंत्री सहित कई बड़े

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई बड़े नेताओं के साथ अवि भसीन की तस्वीरों से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी पार्टी में क्या कद है। अवि के धूर विरोधी भी इस बात को मानते हैं कि अवि की वफादारी और मेहनत के कारण कई बड़े नेता उन्हें नाम से भी जानते और पुकारते हैं। हालांकि उनके परिवार के लोगों में राजनीति को लेकर कोई रूचि नहीं थी। इसके बाद भी भसीन अपने दम-खम, मेहनत और ईमानदारी से शहर की राजनीति में अपनी पहचान बना चुके हैं। इस संबंध में जब कड़ी मूंछें नरम दिल वाले अवि भसीन से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बात करने से यह कहते हुए मना कर दिया कि सिर्फ काम में ही उनका विश्वास है। फल देने का काम भगवान का है। 

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