चंडीगढ़ एसएसपी दिल्ली तलब, इंस्पेक्टर दिलावरी मुश्किल में! गुलजार आत्महत्या कांड

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नेशनल कमिशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स दिल्ली ने डीसी और एसएसपी को रिपोर्ट सहित तलब

चंडीगढ़ 25 नवंबर 2019। सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह आत्महत्या कांड में तत्कालीन सेक्टर-26 थाने की एसएचओ पूनम दिलावरी की मुश्किलें बढ़ सकती है। एसआई गुलजार आत्महत्या कांड के मामले में नेशनल कमिशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स दिल्ली ने डीसी और एसएसपी को रिपोर्ट सहित तलब कर लिया हैसाथ ही डीसी और एसएसपी को कमिशन के चेयरमैन के सामने 6 जनवरी 2020 को दिन 2 बजकर 30 मिनट पर पेश होने के लिए कहा है। इसके आलावा कमिशन ने रिपोर्ट में घटना संबंधित तारीख, थाना, ब्रिफ डिटेल के अलावा नेचर आॅफ क्राइम, नेम आॅफ एड्रेस आॅफ  विक्टिम, नेम आॅफ एक्यूज्ड, एफआईआर से संबंधित डेट एंड सेक्शन, नंबर आॅफ  एक्यूज्ड अरेस्टेड एंड डेट, नम्बर एंड डेट आॅफ चार्ज शीट सेक्शन और आॅफ फाइनल रिपोर्ट तलब की है। कमिशन ने कम्पनसेशन अमाउंट गीवन टू विक्टिम एंड डेट ऐज पर पीओए एक्ट एंड रूल्स संबंधित डिटेल्स और संबंधित एक्शन की पूरी जानकारी रिपोर्ट में तलब की है। ध्यान रहे कि गत माह अगस्त में सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह ने आत्महत्या कर ली थी।

नेशनल कमिशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स
सूत्रों के अनुसार सीनियर एडवोकेट सरदार सतिंदर सिंह की शिकायत के बाद नेशनल कमिशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स ने सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह की आत्महत्या पर सख्त संज्ञान लेकर डीसी और एसएसपी को तलब कर पेश होने के लिए कहा है। सतिंदर सिंह ने दलित परिवार से संबंध रखने वाले एसआई गुलजार सिंह की आत्महत्या पर कई सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इसी कड़ी में नेशनल कमिशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स ने जांच के तहत डीसी एसएसपी को तलब करते हुए 6 जनवरी 2020 को पेश होने के लिए कहा है। इस दौरान उक्त घटना के मामले में आई.ओ को भी पेश होने के आदेश दिए हैं।

नेशनल कमिशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स
सतिंदर सिंह की ओर से दी गई शिकायतों में कहा गया था कि सुसाइड नोट में मृतक ने सेक्टर-26 थाने की एसएचओ पूनम दिलावरी पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का इशारा किया है। इसके बाद भी चंडीगढ़ की पुलिस के आलाधिकारियों ने एसएचओ दिलावरी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि सब इंस्पेक्टर की आत्महत्या की घटना के तुरंत बाद एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्जकर डीएसपी स्तर के अधिकारी को जांच में लगाना चाहिए था। इस प्रकार से उन्होंने सीधा आरोप लगाया था कि तत्कालीन सेक्टर-26 थाना एसएचओ पूनम दिलावरी को पुलिस बचा रही है। सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम से संबंधित एक-एक जानकारी देते हुए खुद की एक वीडियो रिकॉर्डिंग फेसबुक पर पोस्ट करते हुए सभी को चौंका दिया था।

गुलजार आत्महत्या कांड से सम्बंधित पहले छप चुकी इन खबरों को भी पढ़ें 

CHD सेक्टर-26 की SHO पूनम दिलावरी के खिलाफ FIR दर्ज क्यों नहीं: सतिंदरतस्वीर में मृतक सब-इंस्पैक्टर गुलजार सिंह की फाइल फोटो

एसआई गुलजार सिंह की आत्महत्या का मामला 

 एसएसपी जगदाले से भी मिले सतिंदर सिंह
    राज सिंह
(क्राइम रिपोर्टर)
चंडीगढ़ 14 सितंबर 2019 । सीनियर वकील व भाजपा के कद्दावर नेता सरदार सतिंदर सिंह ने दलित परिवार से संबंध रखने वाले एसआई गुलजार सिंह की आत्महत्या को लेकर एक और मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सुसाइड नोट में मृतक ने सेक्टर-26 थाने की एसएचओ पूनम दिलावरी पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने की बात कही है। इसके बाद भी  चंडीगढ़ की पुलिस के आलाधिकारियों ने एसएचओ दिलावरी के खिलाफ कोई भी  कार्रवाई नहीं की। जबकि सब इंस्पेक्टर की आत्महत्या की घटना के तुरंत बाद एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्जकर डीएसपी स्तर के अधिकारी को जांच में लगाना चाहिए था। इस प्रकार से उन्होंने सीधा आरोप जड़ते हुए कहा है कि सेक्टर-26 थाना एसएचओ पूनम दिलावरी को पुलिस बचा रही है। सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम से संबंधित एक-एक जानकारी देते हुए खुद की एक वीडियो रिकॉर्डिंग फेसबुक पर पोस्ट करते हुए सभी  को चौंका दिया है।
 गुलजार की प्रमोशन-पोस्टिंग
सूत्रों के अनुसार एसएसपी ई सिंघल के रहते हुए गुलजार सिंह हेड-कांस्टेबल बने थे, तब उनका बेल्ट नंबर 2206/सीपीथा। इसी दौरान उनके पास सेक्टर-26 थाने में मुंशी रहते हुए मालखाने का भी चार्ज मिला था।  इसके बाद 31 दिसंबर 2016 को गुलजार का प्रमोशन हो गया और वह एएसआई बन गए। इस दौरान उनका रेजिमेंटल नंबर 1312/सीएचजी था। गुलजार के एएसआई प्रोमोट होने के बाद उनकी 18 नवंबर 2017 को सेक्टर-26 थाने से सेक्टर-24 पुलिस पोस्ट में पोस्टिंग हो गई। इसके बाद गुलजार सिंह का एक और प्रमोशन 8 मार्च 2019 को हुआ। इस प्रमोशन के बाद वर्तमान एसएसपी जगदले के ही आॅर्डर से सिंह की उनकी पोस्टिंग सेक्टर-19 स्थित पुलिस थाने में हुई थी।
Chandigarh sector 19 Police Station main yahan
Sub-Inspector GULZAR Singh Gire file Photo

मालखाने से माल गायब कथा

सूत्रों ने हैरान करते हुए बताया है कि गुलजार सिंह के कई प्रमोशन और पोस्टिंग होने के तीन साल बाद भी  मालखाने का चार्ज उनसे नहीं लिया जाता है। आरोप है कि गुलजार से इसलिए मालखाने का चार्ज वापस नहीं लिया गया, क्योंकि सेक्टर-26 थाने में वफादार हेड कांस्टेबल के आने का इंतजार था। उनके आ जाने के बाद जब गुलजार से मालखाने का चार्ज वापस लिया गया तो पता चला की यहां से करीब 2 लाख 87 हजार रुपए गायब हो चुके हैं। इस प्रकार से मालखाने से रुपए गायब होने का सीधा आरोप गुलजार सिंह के उपर लग गया। अंतत: गुलजार सिंह को गायब पैसे भरने के लिए मजबूर किया गया और उन्होंने गायब पैसे भर भी दिए। तब से गुलजार सिंह परेशान रह रहे थे और सेक्टर-19 स्थित थाने के तीसरे फ्लोर से छलांग लगाकर उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।

 अब कई सवाल हो रहे खड़े
सूत्रों का कहना है कि सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पहला सवाल आखिर हेड कांस्टेबल से लेकर सब इंस्पेक्टर बनने और अलग-अलग पोस्टिंग होने के बाद भी गुलजार से मालखाने का चार्ज वापस क्यों नहीं लिया गया। दूसरा सवाल यदि इतने सालों के बाद भी मालखाने का चार्ज गुलजार सिंह के पास था, तो इसका मतलब गुलजार सिंह ईमानदार थे। तीसरा सवाल मालखाने की चाबी कितने अधिकारियों के पास थी, दूसरा वह व्यक्ति कौन है, जिसके पास मालखाने की चाबी रहती थी। चौथा जो सबसे बड़ा और अह्म सवाल कि जब गुलजार सिंह दलित परिवार से थे, तो उनके आत्महत्या के तुरंत बाद एससी एक्ट के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पांचवां सवाल आखिरकार एससी/एसटी एक्ट के तहत डीएसपी रैंक अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी उसी समय क्यों नहीं सौंपी गई। छठा सवाल कि क्या पूनम दिलावरी को बचाने के लिए कानून की भी हत्या की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा और भी  कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

 सतिंदर सिंह मिले एसएसपी से

सीनियर वकील सरदार सतिंदर सिंह
सूत्रों के दावे को मानें तो उक्त मामलों को लेकर सीनियर वकील सरदार सतिंदर सिंह एडवाइजरी काउंसिल की मीटिंग के दौरान एसएसपी निलांबरी जगदले से मिले थे। उन्होंने उक्त पूरी घटनाओं के बारे में उनसे बात करते हुए साफ किया कि पूनम दिलावरी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने जगदले से यह भी  कहा कि जांच में कोताही बरतने वाले उन सभी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करें, जिन्होंने दिलावरी को बचाने की कोशिश की है। इधर यह भी जानकारी मिली है कि सरदार सतिंदर सिंह ने इस संबंध में होम सेके्रटरी से भी मुलाकात की है।
 सतिंदर सिंह बोले
इस संबंध में जब सतिंदर सिंह से बात की तो उनका कहना था उक्त एक-एक बात सच साबित करेंगे। दिलावरी पर कार्रवाई करवाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से किसी भी हद तक जाएंगे। इस संबंध में उनकीएसएसपी जगदले से मुलाकात की भी पुष्टी की। अब प्रशासक वीपी सिंह बदनोर, एडवाइजर मनोज परीदा के अलावा केंद्रीय स्तर पर भी उक्त बातों को रखने के लिए दिल्ली जाएंगे । सिंह ने कहा कि गुलजार सिंह के सुसाइड नोट में सबकुछ साफ साफ है, सेक्टर-26 थाना एसएचओ दिलावरी के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज हो।
सम्बंधित लिंक:-   https://www.facebook.com/satindermahesh/
                         https://chandigarhnewsexpress.in/?p=486
सतिंदर सिंह के फेसबुक वॉल से 
Satinder Singh

8 hrs · सत् श्री अकाल । यह SI गुलजार सिंह का “सुसाइड नोट” है (shared post में पढ़ें )।
इसे उसी लय में टाइप किया गया है जिस तरह उसने लिखा है ।इसी कारण आपको पढ़ने में ज्यादा समय लगेगा ।ज्ञात रहे की एसआई गुलजार सिंह ने 29.8.19 को सेक्टर 19, चड्डीगढ़ के पुलिस स्टेशन में तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
दोषी कौन , अभी तक चंडीगढ़ को पता नहीं ?
क्या वह इतना / इतनी शक्तिशाली है कि सब उसके सामने नतमस्तक हैं या फिर वह सब इस आत्महत्या को एक हादसा बनाने में लगे हैं ।

कुछ ऐसे प्रश्न जो हर चंडीगढ़ वासी इन अधिकारियों से जानना चाहता है जैसे :

1 हेड कांस्टेबल /मुंशी जब ASI बन गया और उसका ट्रांसफर दूसरे पुलिस स्टेशन में हो गया उसके बाद भी उस पुलिस वाले से मालखाने का चार्ज क्यों नहीं लिया गया ?

2 दूसरे पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर होने के बाद
माल खाने की चाबी किसके पास थी?

3 मालखाने की कितनी चाबियां होती हैं ?

4 क्या मालखाने की एक चाबी हमेशा SHO के पास नहीं रहती?

5 क्या माल खाने से गायब हुआ पैसा सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह ने अपनी तरफ से नहीं जमा करवाया?

6 वह पैसा कहां गया, गुलजार सिंह के suicide note आने के वाबजूद ,गायब हुए पैसे की जो कि लगभग तीन लाख के करीब है, के लिए अभी तक एफ आई आर दर्ज क्यों नहीं करवाई गयी ?

7 क्या दोषी अफसरों को बचाया जा रहा है?

8 क्यों इतनी गंभीर घटना पर पुलिस अधिकारी संवेदनहीन बनकर बैठे हुए हैं ?

9 क्या सत्य उपरोक्त बिन्दुओं के इलावा ओर कुछ है?

Satinder Singh

 मौत को गले लगाने से पहले मृतक गुलजार का सुसाइड नोट  

और उसके बाद अक्टूबर 2017 को मेरी बदली P.P 24 में हो गई थी और मेरी जगह H.C दलबीर सिंह लगाया था

तस्वीर में मृतक सब-इंस्पैक्टर गुलजार सिंह की फाइल फोटो

जिसने करीब 10 बाद जनरल ड्यूटी थाना 26 में करवा था और उसके बाद मेरी जगह कोई मालखाना मुंशी नहीं लगाया और मेरी बदली P.P 24 से थाना 19 में हो गई थी और 19 थाने ड्यूटी करता रहा परंतु मेरी जगह मालखाना मुंशी ना लगने की वजह से फिर मेरे को R.G duty माल खाना में लगा दी और 26-11-2018 को फिर मेरी रवानगी थाना 19 में कर दी गई और मेरी जगह H.C ओम प्रकाश को लगाया उसने भी चार्ज नहीं लिया इसके बारे में मैंने SHO साहब को बताया तो SHO मैडम ने कहा कि मैं जल्दी ही किसी के पक्के आर्डर कर दूंगी उसको आप चार्ज देना उसके मैं थाना 19 में ड्यूटी करता रहा जनवरी 2019 को H.C Ajesh के आर्डर M.M.H.C के हो गए जब चार्ज देने के लिए गया तो M.M.H.C Ajesh ने कहा कि

मालखाना से पैसे कम मैंने चार्ज देना शुरू किया तो मेरी SHO मैडम ने नोटिस दिया कि मालखाने से साढे तीन लाख के करीब पैसा कम और कहने लगे पैसे तुमने पूरे करने हैं जब मैं थाना 19 में ड्यूटी पर था और सारी चाबियां मालखाने थी मेरे ऊपर झूठा इल्जाम लगा लगा फिर भी मैंने पूरा कैश इन के हवाले कर दिया और उसके बाद दिमागी तौर पर बहुत ज्यादा परेशान रहने और मेरा सारा परिवार परेशान हो गया और 4-5 महीने से उस काम की सजा भुगत रहा जो मैंने किया ही नहीं मेरे मेरी 34 साल की नौकरी में आज तक कोई किसी प्रकार की शिकायत नहीं है मैंने बहुत साफ-सुथरी नौकरी की है और
 मैं सदमे को सहन नहीं कर सका और दिन रात परेशान रहने लगा परंतु फिर भी मैंने बहुत जोर लगाया कि मैं नौकरी करूं और परेशानी में भी ड्यूटी करता रहा और जिंदा लाश हो कर रह गया मेरा हंसता खेलता परिवार बिखर गया क्योंकि मेरी हालत देख नहीं सकते थे मैं ड्यूटी तो कर रहा था परंतु हर समय ही सोचता कि मेरे साथ क्या हो गया बस यही सोचने लगा कि बदनामी से अच्छा तो मर जाना ही ठीक है क्योंकि हर समय मन परेशान रहता था मैं परमात्मा के आगे हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि मैं जैसे तैसे तड़पकर अपनी जान दे रहा परमात्मा उनको भी मेरे से ज्यादा सजा देना जिन्होंने मे मेरे ऊपर झूठा इल्जाम लगा मैं अपने सीनियर अफसरों को विश्वास दिलाता हूं कि
मैंने कोई गलत काम नहीं किया क्यों अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मेरे पास कोई सबूत नहीं था और इससे बड़ा कोई सबूत हो नहीं सकता कि मैं आत्म हत्या कर रहा हूं और मैं w/SSP साहब से निवेदन करता हूं कि जब मालखाना का पूरा चार्ज अगले मुंशी को दिया जाए पहले वाले की रवानगी मत करता नहीं तो मेरी ही तरह कोई नाजायज मुंशी आत्महत्या ना करें। अगर मेरे सही समय चार्ज दिलवाकर रवानगी करते तो मैं आज आत्महत्या नहीं करता अपने परिवार से माफी मांगता हूं क्योंकि मैं इस समय छोड़कर जा रहा हूं जब मेरी उनको जरूरत थी बच्चों माफ कर देना भगवान आपकी रक्षा करें
Gulzar Singh SI

ध्यान रहे कि SI गुलजार सिंह ने सेक्टर-19 की तीसरी मंजिल से छलांग आत्महत्या कर ली थी, अधिक जानकारी के लिए मृतक गुलजार का सुसाइड नोट  जरूर पढ़ें।

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चंडीगढ़ पुलिस इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी पर होगी FIR ! प्रशासक बदनोर ने लिया संज्ञान

मृतक एसआई गुलजार सिंह फाइल फोटो

  राज सिंह
(क्राइम रिपोर्टर)

चंडीगढ़ 4 अक्तूबर 2019। सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह की आत्महत्या कांड को लेकर पुलिस थाना सेक्टर-26 की रह चुकी एसएचओ पूनम दिलावरी की मुश्किलें किसी भी समय बढ़ सकती है। इसको लेकर पंजाब के गवर्नर व चंडीगढ़ केप्रशासक वीपी सिंह बदनोर ने संज्ञान लेते हुए एडवाइजर मनोज परीदा को जांच कराकर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। इस घटना से संबंधित एससी/एसटी कमिशन ने भी इंस्पेक्टर दिलावरी के खिलाफ जांच कराने के लिए कहा है। वहीं दूसरी ओर डीजीपी संजय बेनीवाल ने भी गुलजार सिंह की आत्महत्या की जांच डीआईजी स्तर के अधिकारी से कराने की बात कहकर पूर्व सेक्टर-26 एसएचओ दिलावरी की मुश्किलें बढ़ा दी है।

सख्त से सख्त हो कार्रवाई

सूत्रों की मानें तो भाजपा के वरिष्ठ नेता व एडवोकेट सतिंदर सिंह ने सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह की आत्महत्या से पर्दाउठाने के लिए शुरू से ही मोर्चा खोल रखा है। उन्होंने न सिर्फ पुलिस इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी पर, बल्कि दिलावरी को बचाने वाले अन्य बड़े पुलिस अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, प्रशासक वीपी सिंह बदनोर, एसएसी/एसटी कमिशन के अलावा अन्य बड़े अधिकारियोंको शिकायतें भेजकर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों के अनुसार सतिंदर सिंह ने अपनी शिकायतों में कहा है कि मृतक गुलजार सिंह एससी से थे। सिंह ने शिकायत में साफ किया है कि पुलिस सब-इंस्पेक्टर गुलजार सिंह की सुसाइड नोट में स्पष्ट इशारा किया है कि पूनम दिलावरी के कारण ही उसे आत्महत्या करनी पड़ रही है। ताकि दिलावरी से प्रताड़ित होकर अन्य पुलिसकर्मियों को आत्महत्या न करनी पडी।

घटनास्थल जहाँ आत्महत्या हुई थी

पूर्व SHO दिलावरी पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई

एडवोकेट सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी, प्रशासक बदनोर एवं अन्य को दी शिकायतों में इंस्पेक्टर दिलावरी के बारे में यह भी जानकारी दी है कि किस प्रकार से एसएचओ रहते हुए दिलावरी ने युवक गुरदीप सिंह लालू को प्रताड़ित किया था। बाद में दिलावरी से पीड़ित युवक ने 7 मार्च 2019 को सुसाइड करने की भी कोशिश की थी। सिंह ने शिकायत में यह भी बताया है कि एक हेड कांस्टेबल बलवीर सिंह ने भी तत्कालीन एसएचओ दिलावरी से कहा था कि ऐसे ही प्रताड़ित करती रही तो वह आत्महत्या कर लेगा। तीसरा व्यक्ति सब-इंस्पेक्टर गुलजार सिंह था, जिन्होंने दिलावरी से ही प्रताड़ित होकर 28 अगस्त 2019 को आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद भी दिलावरी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से सिंह ने हैरानी जताई है।

एससी/एसटी कमीशन से मिले सतिंदर

सूत्रों का दावा है कि एडवोकेट सतिंदर सिंह ने डीजीपी बेनीवाल और एससी/एसटी कमीशन से भी मुलाकात कीहै, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया है कि इंस्पेक्टर दिलावरी को लाइन हाजिर करने से नहीं, बल्कि उसपर एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कार्रवाई की जाए। साथ ही उन लोगों पर भी मामले दर्ज हों, जिन अधिकारियों ने दिलावरी को बचाने के लिए कानून को धता बताया है। ध्यान रहे कि दिलावरी ने सेक्टर-26 में बतौर एसएचओ 2. 11. 2018 ज्वाइन किया था, जबकि गुलजार आत्महत्या कांड को मद्दे नजर 27 सितंबर 2019 यहां से ट्रांसफर कर लाइन भेज दिया गया। ध्यान रहे कि आमतौर पर एसएचओ दो साल के लिए लगाए जाते हैं। फिलहाल दिलावरी को करीब 10 माह में ही लाइन हाजिर कर दिया है। इसके बाद भी भाजपा नेता सतिंदर सिंह संतुष्ट नहीं बताए जाते हैं।

मालखाने से माल गायब

सूत्रों ने बताया है कि गुलजार सिंह के कई प्रमोशन और पोस्टिंग होने के तीन साल बाद भी मालखाने का चार्ज उनसे नहीं लिया जाता है। आरोप है कि गुलजार से इसलिए मालखाने का चार्ज वापस नहीं लिया गया, क्योंकि सेक्टर-26 थाने में वफादार हेड कांस्टेबल के आने का इंतजार था। वफादार के आ जाने के बाद जब गुलजार से मालखाने का चार्ज वापस लिया गया तो पता चला की यहां से करीब 2 लाख 87 हजार रुपए गायब हो चुके हैं। इस प्रकार से मालखाने से रुपए गायब होने का सीधा आरोप गुलजार सिंह के उपर लग गया। अंतत: गुलजार सिंह को गायब पैसे भरने के लिए मजबूर किया गया और उन्होंने गायब पैसे भर भी दिए। तब से गुलजार सिंह परेशान रह रहे थे और सेक्टर-19 स्थित थाने के तीसरे फ्लोर से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

सतिंदर सिंह बोले

एडवोकेट सतिंदर सिंह

भाजपा नेता व एडवोकेट सतिंदर सिंह से जब संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि डीजीपी बेनीवाल, एससी/एसटी कमिशन से इस संबंध में मुलाकात हो चुकी है। वहीं प्रशासक बदनोर ने भी एडवाइजर से उपयुक्त कार्रवाई के लिए कह दिया है। उक्त अधिकारियों ने भी अपने अपने स्तर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सिंह ने एससी/एसटी एक्ट के बारे बताया कि मृतक सब इंस्पेक्टर गुलजार सिंह एससी थे। गुलजार के आत्महत्या के तुरंत बाद एससीएसटी एक्ट के तहत तत्कालीन एसएचओ पूनम दिलावरी पर मामला दर्ज होना चाहिए था, पर ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि पूनम दिलावरी न तो एससी है और न ही एसटी। ऐसे में पूर्व SHO पूनम पर मामला दर्ज होने के साथ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि मृतक की आत्मा को शांति मिल सके।

क्या है एससीएसटी एक्ट

एडवोकेट सतिंदर सिंह के अनुसार एससीएसटी एक्ट सेक्शन-4 में प्रावधान है कि जिन्होंने इस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज नहीं होने दी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। इसलिए उन्होंने उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई बनती, जिन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर दिलावरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होने दी। सिंह के अनुसार इसमें छह माह की सजा का प्रावधान है।

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