चंडीगढ़ एमसी को भीख नहीं, 30 प्रतिशत हिस्सा चाहिए!

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Chandigarh sector 17 MC Office
प्रस्तुति संजीव शर्मा
   (ब्यूरो चीफ)

चंडीगढ़ 6 अक्तूबर 2019 । नगर निगम के पार्षदों ने प्रशासन से साफ कर दिया है कि एमसी को ग्रांट इन एड नहीं, बल्कि कुल बजट में से उन्हें हिस्सेदारी चाहिए। एमसी का मानना है कि फोर्थ दिल्ली फाइनांस कमीशन के अनुसार 30 प्रतिशत हिस्सेदारी एमसी को चाहिए। इस प्रकार से पार्षदों ने प्रशासन से आर पार की भी ठान ली है। इसी के मद्दे नजर पार्षदों की पूरी टीम एमसी की हिस्सेदारी के लिए अगले ही सप्ताह केंद्रीय वित्तमंत्री और गृहमंत्री से मिलने दिल्ली जा रहे हैं।  इसके लिए मेयर राजेश कालिया ने बकायदा केंद्र से समय भी मांग लिया है। हालांकि अभी मिलने का समय निर्धारित नहीं हुआ है। ध्यान रहे कि एमसी को कुल बजट में से प्रशासन से सिर्फ 7 प्रतिशत ग्रांट इन एड के रूप में मिल रहा है, जो ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। इस प्रकार से एमसी में लगातार कंगाली छाई हुई है। वहीं एमसी को छोटे छोटे कामों के लिए प्रशासन से भीख की तरह पैसा मांगना पड़ रहा है।

हरहाल में 30 प्रतिशत

एमसी सूत्रों की मानें तो पार्षदों ने इस बार प्रशासन से स्पष्ट कर दिया है कि फोर्थ दिल्ली फाइनांस कमीशन के अनुसार कुल बजट का 30 प्रतिशत हिस्सा एमसी को हरहाल में चाहिए। क्योंकि एमसी के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट नहीं है, जबकि खर्च न होने के कारण प्रशासन का पैसा केंद्र को वापिस चला जाता है। ऐसे में एमसी को ग्रांट इन एड नहीं चाहिए। अब उक्त कमीशन के हिसाब से ही एमसी को पूरी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। बताया जाता है कि थर्ड दिल्ली फाइनांस कमीशन के अनुसार करीब 17 प्रतिशत एमसी की हिस्सेदारी बनती थी, जो प्रशासन ने आज तक नहीं दिया।

17 प्रतिशत 
सूत्र बताते हैं कि इस बार भाजपा पार्षदों ने फोर्थ दिल्ली फाइनांस कमीशन के लिए मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि करीब 4100 करोड़ से भी अधिक प्रशासन का कुल बजट है। अभी तक एमसी को प्रशासन से विकास कार्यों के लिए 7 प्रतिशत ग्रांट के रूप में मिलता है, जबकि कम से कम थर्ड दिल्ली फाइनांस कमीशन के हिसाब से 17 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलनी चाहिए थी। इसके बाद भी प्रशासन ने 17 प्रतिशत देने की जहमत नहीं उठाई। अब जब एमसी में कंगाली छाई हुई है, तो पार्षदों ने फोर्थ दिल्ली फाइनांस कमीशन के सिफारिशों के अनुसार कुल बजट का 30 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांगी है।
दो मंत्रियों से होगी मुलाकात 
सूत्रों का दावा है कि चंडीगढ़ एमसी मेयर राजेश कालिया ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्तमंत्री सीतारमण से मिलने के लिए समय मांगा है। समझा जा रहा है कि अगले सप्ताह समय मिल भी जाएगा। इसमें फोर्थ दिल्ली फाइनांस कमीशन की शिफारिश को लागू करवाने के कहा जाएगा। वहीं पार्षदों की यह भी मांग है कि आरएलए और एक्साइज एंड टैक्सेशन जैसे डिपार्टमेंट को भी एमसी को सौंपें। क्योंकि फोर्थ दिल्ली फाइनांस कमीशन ने प्रशासन को कई डिपार्टमेंट एमसी को ट्रांसफर करने के लिए कहा है।
पार्षद रविकांत बोले 
पार्षद रविकांत शर्मा का कहना है कि नगर निगम को प्रशासन से ग्रांट इन एड नहीं, बल्कि कुल बजट का 30 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक सिर्फ 7 प्रतिशत ग्रांट एमसी को मिलता रहा है, जबकि कम से कम थर्ड फाइनांस कमीशन की सिफरिश के अनुसार 17 प्रतिशत हिस्सेदारी एमसी को मिलनी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन ने नहीं दिया। उनका कहना है कि अब बात निकल ही पड़ी है तो एमसी को 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी प्रशासन से चाहिए। उन्होंने कहा कि एमसी ने पिछले तीन सालों में खुद की आय का श्रोत निकाल कर 170 करोड़ से करीब 300 करोड़ पहुंचा दिया है। एमसी की सालाना कमाई बढ़कर 400 करोड़ से भी उपर जाने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन 30 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलने से एमसी की आय बढ़कर 1500 करोड़ पहुंच जाएगी। इससे एमसी को फाइनेशियल क्रंच का मुंह नहीं देखना पड़ेगा।
मेयर राजेश कालिया बोले  

मेयर राजेश कालिया ने भी पूछे जाने पर बताया कि फोर्थ दिल्ली फाइनांस कमीशन की सिफारिश सिरे चढ़ाने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्तमंत्री सीतारमण से मिलने के लिए समय मांगा है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह केंद्र से मिलने का समय मिल जाएगा, जहां अपनी बातों को मजबूती से रखकर 30 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग करेंगे। साथ ही प्रशासन से कई डिपार्टमेंटों को भी एमसी में ट्रांसफर की भी बात करेंगे। सौजन्य आज समाज 

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