चंडीगढ़ में डोर टू डोर गारबेज कलेक्टरों का आंदोलन खतरनाक MODE

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चंडीगढ़ 20 jan 2021। देश में किसान आंदोलन की तरह ही शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्टरों का आंदोलन खतरनाक होते जा रहा है। बुधवार को डोर टू डोर गारबेज कलेक्टरों ने अपनी अपनी गाड़ियों में बैठकर शहर के विभिन्न सेक्टरों में तालियां बजाते हुए रैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नगर निगम उनके रोज़गार को छीनने की कोशिश न करें। इस बीच रोज़गार बचाने के लिए जूझ रहे डोर टू डोर गारबेज कलेक्टरों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गई तो शहर में चक्का जाम कर देंगे।

अखिल भारतीय मजदूर संगठन के नेतृत्व में शहर में नगर निगम के खिलाफ डोर टू डोर गारवेज कलेक्टरों की 24 घंटे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल धरना प्रदर्शन का आज 22वें दिन हो गया है। नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ चल रहा है 5 आदमी 24 घंटे की भूख हड़ताल पर प्रतिदिन बैठ रहे हैं। ताकि निगम का डोर टू डोर गारबेज कलेक्टरों के ऊपर तानाशाही को रोक सकें। गारबेज कलेक्टरों का यह काम 40 सालों से रेहडियो पर काम करते आ रहे हैं। उनकी मांग है कि इसी तरह से रेहडियो पर कूड़ा कचरा उठाने दिया जाए।

साथ ही पैसे भी खुद इकट्ठा करने की मांग कर रहे हैं। ध्यान रहे कि एमसी भी इस बात अडी हुई है कि शहर के लोगों से पानी बिलों के माध्यम से कूडे उठाने के पैसे वसूली होगी। इस गारबेज कलेक्टर तैयार नहीं हैं। गारबेज कलेक्टरों की यह भी मांग है कि यदि प्रशासन चाहता है की कि कूडा डोर टू डोर गाड़ियों से ही उठे तो, इन कामों लगे सभी को पक्की नौकरी दी जाए।

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