कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला व प्रदीप छाबड़ा ने पत्रकारों को दिया जवाब

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चंडीगढ़। सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में रविवार को ज्वलंत मुद्दा नागरिक संशोधन एक्ट को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला और प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने संवादाता सम्मेलन में कहा कि नागरिक संशोधन कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने पूरे देश को अराजकता की ओर धकेल दिया है। शुक्ला और छाबड़ा के अनुसार इसको लेकर पहले ही बने कानून में कई तरह के प्रावधान हैं। इसके बाद भी मोदी की केंद्र की सरकार ने देश की आम जनता के सामने मुसीबतें खड़ी कर दी है। आज के समय सभी को लग रहा है कि प्रूफ न होने पर उन्हें देश से बाहर न कर दिया जाए। इस दौरान राजीव शुक्ला के साथ पंजाब के कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छबड़ा भी मौजूद रहे।

पत्रकारों के सवाल पर राजीव शुक्ला और प्रदीप छाबड़ा ने कहा नागरिकता एक्ट के कारण पूरे देश मे अराजकता फैली हुई है। उन्होंने कहा कि सभी ने देखा कि  किस प्रकार असम में लोगों में अराजकता फैली हुई है। इस प्रकार से देश में लगातार अराजकता फैलती जा रही है। पूरे देश में आग भड़कती जा रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार इस आग ने इस आग की चपेट में गुजरात, पूर्वी भारत समेत पूरे उत्तर भारत को ले लिया है। देश के चारो ओर छात्र और युवा आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों को सड़कों पर पीटा जा रहा है, कई शहरों में पत्रकारों पर भी पुलिस ने अपना गुस्सा उतारा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस आंदोलन को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला और प्रदीप छाबड़ा के अनुसार नागरिक संशोधन कानून संविधान की मूल भावना और सेकुलरिज्म के खिलाफ है। इस कानून के माध्यम से देश में रह रहे अवैध प्रवासियों को धार्मिक आधार पर बांटा जा रहा है। देश में अवैध रूप से रह रहे छह धर्मों के लोगों को तो शरणार्थी मानकर नागरिकता देने की बात करता है लेकिन ऐसे मुस्लिमों को घुसपैठिया बताता है। इसके साथ ही शुक्ला ने मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल बताते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत गंभीर संकट में है और मांगें लुप्त होती जा रही है।

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