एडवाइजर मनोज परिदा चंडीगढ़ में फेल ! अवैध निर्माणों की झड़ी

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चंडीगढ़ 27 अक्टूबर 2019. शहर में एडवाइजर मनोज परिदा के आने के बाद से उनकी कार्यक्षमता पर लगातार सवाल खड़ा किया जा रहा है। एडवाइजर परिदा के आने के बाद से एक ओर जहां चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों में नीड बेस्ड चेंजेज को ढहाने में तेजी आई है, वहीं लाल डोरा से बाहर बड़ी बड़ी बिल्डिंगों के निर्माण में जबरदस्त तेजी आ गई है। हैरान कर देने वाली बात है कि लाल डोरा के बाहर कृषि भूमि पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों के निर्माण की पूरी की पूरी जानकारी फाइनांस सेक्रेटरी अजॉय सिन्हा, डीसी मनदीप सिंह बराड़, एलएओ के अलावा अन्य अधिकारियों के पास मौजूद है।

बेखौफ बिल्डिंगों का निर्माण जारी 
इसके बाद भी बिल्डिंगों का निर्माण बेखौफ होकर दिनरात चल रहा है। चौका देने वाली बात है कि इन निर्माणों की चर्चा मीडिया में आ जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से नहीं रोका गया। फिलहाल कई अवैध मकानों का निर्माण अंतिम पड़ाव पर है। इसके बाद भी शहर के सीनियर आईएएस मनोज परिदा के अलावा कई बड़े अधिकारी मौनव्रत साधकर बैठे हुए हैं।
मास्टर प्लान जिक्र तक नहीं तो कैसे…
सूत्रों का कहना है कि शहर में लाल डोरे से बाहर मकान बनाने पर प्रतिबंध है। फिलहाल लाल डोरे से बाहर जो भी मकान बन रहे हैं, इसका मास्टर प्लान में कोई जिक्र तक नहीं है कि नियमों को ताक पर रखकर बड़ी बड़ी बिल्डिंगें बनाई जाएगी। इसके बाद भी अनैतिक गठजोड़ कर भवनों का निर्माण कई महीनों से चल रहा है। सूत्रों का दावा है कि किशनगढ़ के निकट गवानपुरा गांव के पास लाल डोरा से बाहर भगवानपुरा रोड के साथ लगते एग्रीकल्चर लैंड पर पिछले कई महीनों से लगातार दिन और रात गगनचुम्बी इमारतों का निर्माण चल रहा है और अधिकारी चुप हैं।

बड़े अधिकारी व राजनेताओं का गठजोड़!
हैरान कर देने वाली बात है कि बड़ी बड़ी बिल्डिंगों के निर्माण पर लगातार काम चल रहा है। प्रशासनिक बड़े अधिकारियों को इसकी जानकारी भी है। इसके बाद भी अवैध निर्माणों का कोई एक बाल बाका नहीं हो रहा है। दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि केंद्रीय स्तर पर जांच की जाए तो भगवानपुरा गांव में चल रहे निर्माण शहर के ही बड़े अधिकारी और राजनेताओं को साठगांठ का पर्दाफास हो सकता है। यही कारण है कि सभी बड़े अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं, जबकि गरीब लोगों के मकानों में छोटी छोटी कमियां निकालकर ढहाने का काम चल रहा है।

अमित शाह से जाँच की मांग

ह्यूमन राइट मंच के प्रधान राज सिंह का कहना है कि यह शहर भगवान के भरोसे है। यहां जो भी अधिकारी आते हैं अंग्रेजों की तरह शासन करने बाद चले जाते हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि शहर में अवैध निर्माण का काम खुलेआम चल रहा है। इसके बाद भी एलएओ से लेकर एडवाइजर तक बड़े अधिकारी चुप हैं। सिंह यह भी सवाल किया है कि भीगवानपुरा रोड पर बन रहे मकानों का जिक्र मास्टर प्लान में बिलकुल नहीं है। इसके बाद भी किसके इशारे पर अवैध निर्माण चल रहा है, जांच होनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मांग की है कि आंख-कान मूंदकर बैठे अधिकारियों पर न सिर्फ कार्रवाई हो, बल्कि उन्हें यहाँ से बदला जाए।

किरपाल सिंह बुलाई बैठक
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड रेजिडेंट वेलफेयर फैडरेशन के प्रधान किरपाल सिंह लाल डोरा से बाहर कृषि भीमि में छोटा मकान नहीं बन सकता है। भगवानपुरा के अलावा कई अन्य जगहों पर धड़ल्ले से बड़ी बड़ी बिल्डिंगे बनाई जा रही है। इसके बाद भी सभी अधिकारी चुपचाप तमाशा देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज यानी शनिवार को सीएचबी वेलफेयर फैडरेशन की बैठक बुलाई गई। इसमें यह मसला उठेगा कि एक तरफ अवैध निर्माण पर प्रशासन आंख मूंदकर बैठा हुआ है, जबकि सीएचबी के मकानों से नीड बेस्ड चेंजेज को ढहाने का क्रम जारी है।
समाजसेवी ने कहा
समाजसेवी सेकेंड इनिंग एसोसिएशन के चेयरमैन आरके गर्ग ने प्रशासनिक के रवैये पर हैरानी जताई। उन्होंने अपनी सुविधा के अनुसार प्रशासन कानून की परिभाषा गढ़ता है। शहर में कई मोर्चों पर प्रशासन पूरी तरह से फेल है। अब इस शहर का भगवान ही मालिक है।

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