त्रिवेणी कला साधना कार्यशाला के अंतर्गत तैयार किए गए नाटक पंचलाइट और हम का मंचन किया 

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Sanjiv Sharma

चण्डीगढ़ : त्रिवेणी कला उत्सव के तीसरे और अंतिम दिन सेक्टर-38 स्थित रानी लक्ष्मी बाई ऑडिटोरियम के मुख्य सभागार में चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी (सीएसएनए) द्वारा आयोजित त्रिवेणी कला साधना कार्यशाला के अंतर्गत नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला में तैयार किए गए नाटक पंचलाइट और हम का मंचन किया गया। अकादमी द्वारा संगीत, नृत्य और नाटक की विभिन्न प्रशिक्षण कार्यशालाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। अकादमी के अध्यक्ष सुदेश शर्मा ने बताया कि इन कार्यशालाओं के माध्यम से वे चंडीगढ़ के प्रत्येक घर में भारतीय कला एवं संस्कृति को जागृत करने और युवा तथा नवोदित कलाकारों को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं।

इन कार्यशालाओं में संगीत में प्रशिक्षित साधकों ने गत रोज कला स्पर्श कार्यक्रम के अंतर्गत गायन और वादन की प्रस्तुतियां दी थीं, जबकि आज नाट्य कलाकारों ने नाट्य प्रस्तुति दी। इन कार्यशालाओं में 15 वर्ष से लेकर 70 वर्ष तक के प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस तीन माह की नाट्य कार्यशाला में 20 नवोदित कलाकारों ने भाग लिया, जिसका संचालन प्रख्यात रंगकर्मी अमन सिंह ने किया। प्रस्तुत नाटक पंचलाइट और हम तीन अलग-अलग नाटकों से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया था, जिसका निर्देशन अमन सिंह ने किया। यह एक प्रयोगात्मक नाटक है, जो 3 महीने की नाट्य प्रयोगशाला का परिणाम है। नाटक में दो कहानियों हम और पंचलाइट का मिश्रण है। हम एक मौलिक नाटक है, जिसमें बुज़ुर्गों के अकेलेपन और एक नए शहर में रहने वाले परिवार की कहानी को दर्शाया गया है। वहीं, पंचलाइट फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी पर आधारित है, जो गाँव की पृष्ठभूमि में पूंजीवाद, घमंड और लोभ जैसी प्रवृत्तियों पर कटाक्ष करती है। नाटक में कुल 14 कलाकारों ने भाग लिया और इसका संगीत सिद्धांत भाटिया द्वारा तैयार किया गया है।

इस अवसर पर कुलदीप शर्मा, वरिष्ठ टीवी और थिएटर कलाकार, बलकार सिंह सिद्धू, पूर्व उपाध्यक्ष, सीएसएनए और एसएनए पुरस्कार प्राप्तकर्ता, आरडी कैली, प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक, श्रीमती अनीता शबदीश, वरिष्ठ फिल्म और थिएटर कलाकार, सुदेश शर्मा, अध्यक्ष, चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी, विक्रांत सेठ, उपाध्यक्ष, चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी व पं. विनोद पवार, प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय सारंगी वादक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।सभी ने ने चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की त्रिवेणी कला साधना कार्यशाला के माध्यम से आने वाले कल के कलाकारों को तैयार करने के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की और सभी कलाकारों को सम्मानित किया।

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