खेल उत्कृष्टता की दिशा में कदम: सचिव खेल ने चंडीगढ़ में खेल अवसंरचना उन्नयन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

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चंडीगढ़, 04 अगस्त 2025 — चंडीगढ़ के विभिन्न खेल परिसरों में चल रहे अवसंरचना उन्नयन कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु आज सचिव, खेल, चंडीगढ़ प्रशासन, प्रेरणा पुरी द्वारा एक स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर खेल निदेशक, यू.टी. चंडीगढ़ श्री सौरभ कुमार अरोड़ा, मुख्य अभियंता सी.बी. ओझा तथा खेल और अभियंत्रण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह पहल माननीय प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया की उस दूरदृष्टि के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत चंडीगढ़ को क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर खेल उत्कृष्टता का केंद्र विकसित किया जा रहा है।

निरीक्षण की शुरुआत सेक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम से हुई, जहां राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यापक उन्नयन कार्य प्रगति पर है। मुख्य अभियंता श्री सी.बी. ओझा ने जानकारी दी कि खेल मैदान को उच्च गुणवत्ता वाले टर्फ से पुनः तैयार किया गया है, जिससे बाउंस, ग्रिप और स्थायित्व में सुधार होगा। मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से बचाव हेतु ड्रेनेज प्रणाली को भी उन्नत किया गया है। इसके अतिरिक्त, चार नई प्रैक्टिस पिचों का निर्माण भी किया गया है, जो पेशेवर प्रशिक्षण को सहयोग प्रदान करेंगी। यह परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार प्रगति पर है और इसके 15 अगस्त 2025 तक पूर्ण होने की संभावना है।

यू.टी. क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय टंडन ने बताया कि इन उन्नयन कार्यों से न केवल चंडीगढ़ में प्रमुख क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित करने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि उभरते हुए खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की आवश्यकताएं भी पूरी होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी आधुनिक सुविधाएं राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करेंगी और स्थानीय प्रतिभाओं के विकास को गति देंगी।

क्रिकेट स्टेडियम के निरीक्षण के पश्चात टीम ने लेक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का दौरा किया, जो तैराकी, स्क्वैश और टेनिस खिलाड़ियों के लिए एक बहुआयामी खेल परिसर है। मुख्य अभियंता ने जानकारी दी कि स्विमिंग पूल के नवीनीकरण हेतु टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है, और यह कार्य वार्षिक शीतकालीन अवकाश के बाद प्रारंभ किया जाएगा। इस परियोजना के तहत फिल्ट्रेशन प्रणाली, टाइलिंग, लॉकर रूम, पूल डेक और दर्शक दीर्घा का आधुनिकीकरण किया जाएगा। साथ ही, जल संरक्षण और पुनर्चक्रण जैसी पर्यावरणीय रूप से सतत सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

टेनिस एवं स्क्वैश कोर्ट के नवीनीकरण के लिए अभियंत्रण विभाग एक रफ कॉस्ट एस्टीमेट (RCE) भी तैयार कर रहा है। प्रस्तावित कार्यों में सिंथेटिक सतहों की स्थापना और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था शामिल है, जिससे शाम के समय भी मैच और अभ्यास संभव हो सकेगा। इन कार्यों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी और कार्य चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किए जाएंगे।

निदेशक खेल श्री सौरभ कुमार अरोड़ा ने कहा कि विभाग समावेशी, सुलभ और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने हेतु प्रतिबद्ध है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो। यह अधोसंरचना विकास पहल जमीनी स्तर से लेकर उत्कृष्ट खिलाड़ियों तक सभी को लाभान्वित करेगी, ताकि कोई भी प्रतिभा पीछे न रह जाए।

सचिव खेल ने निरीक्षण के अंत में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों को निर्धारित समयसीमा में, गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और विभागीय समन्वय के साथ पूर्ण किया जाए।

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