


पंजाब के राज्यपाल ने केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल खट्टर, अश्विनी वैष्णव, गजेंद्र सिंह शेखावत और भूपेंद्र यादव से मुलाकात की; 328 ई-बसों की मंजूरी, रेल संपर्क, पर्यटन परियोजनाओं और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं पर चर्चा की
कुमार मधुकर
नई दिल्ली/चंडीगढ़: चंडीगढ़ शहर में इन दिनों एक अजीब राजनीतिक संतुलन देखने को मिल रहा है। एक ओर प्रशासक गुलाबचंद कटारिया दिल्ली में लगातार केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर शहर के विकास के लिए प्रयासरत हैं, तो वहीं दूसरी ओर सांसद मनीष तिवारी संसद में वही सवाल उठा रहे हैं, जिनका जवाब शहर को पहले से पता है। ऐसा लगता है कि सांसद मनीष तिवारी के पास शहर के विकास के लिए कोई विजन नहीं है। ऐसे में प्रशासक कटारिया की सक्रियता ने चंडीगढ़ के विकास की गाड़ी को गति देने की सराहनीय कोशिश शुरू कर दी है। जबकि सांसद की भूमिका सिर्फ औपचारिक सवालों तक सीमित रह गई है।
प्रशासक की मेहनत यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि कहीं उन्हें सांसद की जिम्मेदारी भी खुद तो नहीं उठानी पड़ रही!जनता के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि सवाल पूछना आसान है, लेकिन समाधान लाना असली नेतृत्व की पहचान है। सांसद होते हुए पिछले एक साल में सांसद मनीष तिवारी के पास कहने के लिए कुछ भी ऐसा नहीं है, जिसे जनता के बीच जाकर कुछ कह सकें।
यहां बताना जरूरी है कि 18 जुलाई को पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल खट्टर (आवास और शहरी मामलों के मंत्री), अश्विनी वैष्णव (रेल मंत्री), गजेंद्र सिंह शेखावत (पर्यटन मंत्री) और भूपेंद्र यादव (पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री) से मुलाकात की और चंडीगढ़ और पंजाब से संबंधित महत्वपूर्ण विकासात्मक मुद्दों, विशेष रूप से सार्वजनिक परिवहन, पर्यटन अवसंरचना और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्रों पर चर्चा की।
मनोहर लाल खट्टर के साथ अपनी बैठक में, प्रशासक कटारिया ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत चंडीगढ़ के लिए 328 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी से संबंधित लंबित मामले को उठाया। उन्होंने सीटीयू और सीसीबीएसएस के पुराने बेड़े को बदलने के लिए जीसीसी मॉडल पर इन बसों को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया। इनमें से अधिकांश बसें सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अधिसूचित डीजल वाहनों की 15 वर्ष की सीमा के अनुरूप 2025-2027 के बीच अपना परिचालन जीवन पूरा करेंगी।
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अक्टूबर 2023 में पहले से स्वीकृत 100 इलेक्ट्रिक बसों के लिए लेटर ऑफ अवार्ड शीघ्र जारी करने का भी अनुरोध किया और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए नवंबर 2025 से पहले इनकी आपूर्ति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंत्रालय के हरित गतिशीलता प्रयासों के समर्थन में पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (आरवीएसएफ) के माध्यम से आवश्यक वाहन स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएँगे।
अश्विनी वैष्णव के साथ एक अलग बैठक में, राज्यपाल ने बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने और तीर्थयात्रा को सुगम बनाने के लिए तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़ और तरनतारन साहिब सहित पंजाब-चंडीगढ़ के बीच रेल संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उदयपुर और चंडीगढ़ के बीच बेहतर रेल संपर्क का भी आह्वान किया, जिससे राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी लाभ होगा।
कटारिया ने चंडीगढ़ में पर्यटन विकास परियोजनाओं पर चर्चा के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी मुलाकात की। राज्यपाल ने शहर की विरासत, पर्यावरणीय मूल्यों और बढ़ते पर्यटक प्रवाह के अनुरूप शहर के पर्यटन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए रणनीतिक निवेश की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने क्षेत्रीय विकास और यात्रा को सुगम बनाने के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक केंद्रों के साथ पर्यटन और परिवहन संपर्क को मजबूत करने के महत्व पर बल दिया।
राजधानी में अपने कार्यक्रमों के तहत, राज्यपाल ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से भी शिष्टाचार भेंट की। जलवायु-सचेत शासन पर बढ़ते ज़ोर के मद्देनज़र, चंडीगढ़ और पंजाब से संबंधित पर्यावरणीय प्राथमिकताओं और सतत विकास के मुद्दों पर चर्चा हुई।
माननीय राज्यपाल ने अश्विनी वैष्णव के पिता के हाल ही में हुए निधन पर अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की। सभी केंद्रीय मंत्रियों ने राज्यपाल की चिंताओं को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया और व्यापक जनहित में समय पर और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।























