









Kumar Madhukar कार्यक्रम के दौरान शहर भर से आए प्रतिभागियों ने यह भी सुझाव दिया कि चंडीगढ़ में महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान (डायरेक्ट मेयरल इलेक्शन) के माध्यम से कराया जाए, ताकि शहर को स्थिर, जवाबदेह और दूरदर्शी नेतृत्व मिल सके। सेक्टर-35 स्थित मेट्रो होटल में आयोजित इस मंथन में शहर के 80 से अधिक हर वर्ग से आए लोगों ने हितधारकों ने भाग लिया। इनमें विभिन्न रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशनों, औद्योगिक संगठन, कर्मचारी संघ तथा स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
मंथन में चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा, सीबीसी के चेयरमैन नीरज बजाज, चंडीगढ़ प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विक्रम चोपड़ा, फॉस्वैक के चेयरमैन बलविंदर सिंह बिट्टू, वॉयस ऑफ ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज़ के सह-संयोजक आर.एस. थापर, सीएचबी हाउस आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि ए.सी. धवन, चंडीगढ़ लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अवि भसीन, यूटी चंडीगढ़ सबऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन के अध्यक्ष रंजीत मिश्रा, सेक्टर-38 वेस्ट आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, सेक्टर-43 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष राजेश रॉय, चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीत सिंह, क्रॉफेड के वरिष्ठ कार्यकारी सदस्य कृष्ण सचदेव सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान एक वर्षीय महापौर कार्यकाल शहर के दीर्घकालिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक जवाबदेही के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका मत था कि पाँच वर्षीय कार्यकाल से विकास परियोजनाओं में निरंतरता आएगी, नेतृत्व अधिक उत्तरदायी होगा और नागरिकों को बेहतर स्थानीय प्रशासन मिल सकेगा।बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि मंथन में प्राप्त सुझावों और सिफारिशों का विस्तृत दस्तावेज तैयार कर कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा, ताकि चंडीगढ़ नगर निगम की चुनाव प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर गंभीरता से विचार किया जा सके।























