अम्बाला स्थित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा
संजीव शर्मा (ब्यूरो चीफ)
अंबाला 29 sep2019। अंबाला में कार्यकर्ताओं की एक बैठक में रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा एक बार फिर अपने पुराने तेवर में दिखे। उन्होंने दहाड़ते हुए कहा कि कुमारी सैलजा और कांग्रेसियों की साजिश ने यहां आईएमटी नहीं लगने दी। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों से उन्हें बहुत प्यार मिला है इसी कारण से वह रिकॉर्डतोड़ मतों से चुनाव जीते थे। इस जीत के बाद ही उन्होंने सोच लिया था कि महत्वपूर्ण उनकी राजनीति नहीं, बल्कि अंबाला का विकास ही महत्वपूर्ण है। पूर्व केंद्रीय मंत्री शर्मा ने कहा जब 2005 में पहली बार चुनाव के लिए आया तब बिल्कुल नया था, किसी से जान पहचान नहीं थी। अंबाला में अलग-अलग जगहों पर जाकर जब मैंने लोगों से उनकी समस्याएं सुनी तो लोगों ने पानी के अलावा कई अन्य समस्याओं से अवगत कराया था। यही कारण है कि अधिकारियों के नेगेटिव रवैए को ठीक करते हुए अंबाला में पानी की समस्या का हल किया आज अंबाला में बिना मोटर के पानी हर घर में है।
उपलब्धियां गिनाने नहीं आए
पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह आज यहां कोई अपनी उपलब्धियां गिनाने नहीं आए हैं, लेकिन महसूस किया कि जो काम मैं आज भी कर सकता हूं और उसे नहीं किया तो मैं कभी खुद को माफ नहीं कर पाउंगा। उनके अनुसार अंबाला का प्रतिनिधि रहते हुए प्रयास किया कि हर काम को करवा सकूं। उन्होंने कहा कि दी गई नौकरियां समुंदर में बूंद के बराबर है। कुछ हजार नौकरियों से प्रदेश के लाखों परिवारों की जरूरत पूरी नहीं होती है। कार्यकार्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दिन रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है। इसके निवारण के लिए सोचा नहीं गया कि नौकरियां पारदर्शिता से और आसानी से मिले। ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हों।
सैलजा के कारण नहीं लगी आईएमटी
देश के कद्दावर नेता विनोद शर्मा ने कहा कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में आईएमटी लगी और वहां का विकास हुआ। अंबाला में आईएमटी लगाने का आग्रह सरकार से किया था, सरकार ने मानी भी और प्रक्रिया भी शुरू हुई, लेकिन पता नहीं क्या दिमाग में आया कि कांग्रेस के बड़े बड़े नेता आईएमटी के विरोध में उतर गए। उन्होंने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उस समय की सांसद कुमारी सैलजा के अलावा अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी विरोध किया। हालत यह हुई कि केंद्र से भी विरोधियों को मदद मिल गई, आईएमटी नहीं लगी। उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि रोहतक में आईएमटी लगाई गई, लेकिन अंबाला में आईएमटी न लगे इसके लिए बड़ा षड्यंत्र रचा गया। स्थिति यह है कि आज हजारों युवा बेरोजगार हैं। उन्होंने आरोप जड़ते हुए कहा कि षड्यंत्र से आईएमटी नहीं लगी और इसके बदले में कुमारी सैलजा को तोहफे के रूप में राज्यसभा दे दिया गया।
ऐसी हरकतों के कारण पार्टी छोड़ी
आज कद्दावर नेता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह पहली बार हुआ था कि लोगों की भावनाओं के विपरीत जाकर उस इंसान का सम्मान किया गया जिसकी वजह से आम आदमी का तिरस्कार हुआ था। तभी उन्होंने सोच लिया था कि लाखों बच्चों के रोजगार से खिलावाड़ करने, उनका हक छिनने वालोें से अब कोई संबंध नहीं रखेंगे और उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि मेरा एक ही सपना हर घर में रोजगार हो। यह तभी पूरा होगा जब आईएमटी लगेगी। उन्होंने असहज होते हुए कहा कि आज मेरे पास कोई पावर नहीं कि आईएमटी लगा सकूं। इसके बावजूद जो आईएमटी लगवा सकता है उसे पूरा सहयोग देेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि किसी भी सूरत में अंबाला में आईएमटी लगवाकर ही दम लूंगा।
मैं बनूं या न बनूं
विनोद शर्मा ने दंभ भरते हुए कहा कि मैं कुछ बनूं या न बनूं पर आईएमटी तो बन कर ही रहेगी। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि सीएम मनोहर लाल ने आईएमटी लगाने का वायदा किया है। मनोहर लाल ही उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। उन्होंने सीएम की घोषणा की सराहना करते हुए मांग की कि इसकी समय सीमा भी तय कर दी जाए। अगर समय सीमा तय कर दी जाए तो अंबाला में आईएमटी लगाने में उनका भरपूर सहयोग करेंगे।
जो आप कहेंगे वही करूंगा
विनोद शर्मा ने कहा कि हर आदमी यही कह रहा कि विनोद शर्मा क्या करेंगे। उन्होंने साफ कर दिया कि जो आप कहेंगे वही करूंगा। उनके अनुसार ब्लाक लेवल और बूथ लेवल पर लोगों से कार्यकर्ताओं से चर्चा करने के बाद यह महसूस किया कि अंबाला का आगे बढ़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो हमसर मुद्दों का निवारण करेगा, हमारा सहयोग उनके साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि जनता जो कहेगी उनके बताए रास्ते पर ही चलूंगा। यह भी साफ किया कि उस रास्ते को नहीं अपनाएंगे, जिससे किसी का सर नीचा हो।